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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar: पटना में लगे 'अतीक अहमद अमर रहे' और 'मोदी-योगी मुर्दाबाद' के नारे, जुमे की नमाज के बाद हुई नारेबाजी

By Jagran NewsEdited By: Roma Ragini
Published: Fri, 21 Apr 2023 02:32 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 21 Apr 2023 04:18 PM (GMT+05:30)

Atiq Ahmed पटना जंक्शन के पास मस्जिद में नमाज के बाद कुछ लोगों ने अतीक के समर्थन में नारेबाजी की। ...और पढ़ें

पटना में लगे 'अतीक अहमद अमर रहे' के नारे
पटना में लगे 'अतीक अहमद अमर रहे' के नारे

पटना, जागरण संवादाता। पटना में माफिया अतीक अहमद के समर्थन में नारे लगे हैं। पटना जंक्शन के पास एक मस्जिद में नमाज के बाद 'अतीक अमर रहे' की नारेबाजी की गई। 

जानकारी के अनुसार, पटना जंक्शन के पास मस्जिद में जुमे की नमाज अता करने के बाद जब लोग निकल रहे थे, तब वहां कुछ यूट्यूबर्स ने यूपी के अतीक अहमद और अशरफ के शूटआउट प्रकरण पर राय मांगी। इस दौरान कुछ लोग 'अतीक अहमद अमर रहे' के नारे लगाने लगे। इसके साथ ही, लोगों ने 'मोदी-योगी मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए। 

थानाध्यक्ष संजीत कुमार ने कहा कि वरीय अधिकारियों से अनुमति लेकर सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की चेष्टा करने के आरोप में यूट्यूबर्स पर भी प्राथमिकी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज निकाला जा रहा है।

भाजपा ने सरकार को बताया नकारा, नारे से दी प्रतिक्रिया

पटना में हुई नारेबाजी पर प्रतिक्रिया भी आने लगी है। बिहार भाजपा ने अपने ट्विटर पर पोस्ट कर घटना पर प्रतिक्रिया दी है । भाजपा ने इसके लिए नीतीश सरकार को ही जिम्मेदार बताया है। उन्होंने ट्वीट किया 'जब सरकार में बैठ गए हो नकारे, तो माफियाओं का क्यों ना लगे नारे!'

नीतीश कुमार जैसा सीएम पूरे हिंदुस्तान में नहीं मिलेगा-मस्जिद इमाम 

वहीं, पटना जिला प्रशासन ने एक मीडिया चैनल के वीडियो पर ट्वीट किया है। जिसमें पटना मस्जिद के इमाम मीडिया से बातचीत कर रहे हैं। इमाम कह रहे हैं कि अतीक अहमद का मामला यूपी का है। इसे यूपी की सरकार और वहां के लोग समझे। हमारे यहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं और जिनका लॉ एंड ऑर्डर बेहतरीन है। उससे अच्छा मुख्यमंत्री हमें पूरे हिंदुस्तान में नहीं मिलेगा।

बता दें कि 15 अप्रैल की रात को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की तीन हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। अतीक और अशरफ को मेडिकल जांच के लिए कॉल्विन अस्पताल लाया गया था।

हमलावर मीडियाकर्मी बनकर आए थे। मीडिया से बातचीत के दौरान ही बदमाशों ने दोनों भाई को गोली मार दी। इस दौरान आरोपियों ने 'जय श्री राम' के नारे भी लगाए। पुलिस ने हमलवारों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान लवलेश तिवारी, सनी और अरुण मौर्य के रूप में हुई।

यूपी में माफिया की कब्र पर चढ़ाया था तिरंगा

हाल ही में, अतीक अहमद की कब्र पर तिरंगा चढ़ाने का मामला सामने आया था। यूपी में कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशी राजकुमार सिंह रज्जू ने माफिया अतीक की कब्र पर तिरंगा चढ़ाया। इसके साथ ही उसे शहीद का दर्जा देने की भी मांग की। पार्षद प्रत्याशी का वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने भी उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया है।