यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSSC SCAM : निलंबित अध्यक्ष के घर मिले पेपर लीक के अहम सबूत, जानिए
बीएसएससी पेपर लीक कांड के आरोपी अध्यक्ष सुधीर कुमार के घर से एसआइटी ने पेन ड्राइव, प्रिंटर कम फैक्स मशीन ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की इंटरस्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में एसआइटी को निलंबित अध्यक्ष एवं आइएएस अधिकारी सुधीर कुमार के हजारीबाग स्थित घर से अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। हजारीबाग के गांधी नगर के मटवारी मैदान स्थित घर से एसआइटी को वे सबूत मिल गए, जो उनके कार्यालय से नष्ट कर दिए गए थे।
सूत्रों की मानें तो एसआइटी ने उनके घर से पेन ड्राइव, प्रिंटर कम फैक्स मशीन आदि बरामद किए हैं। ये आयोग द्वारा खरीदे गए उपकरण हैं जो अध्यक्ष के घर से मिले हैं। अब एसआइटी उस बड़े अधिकारी को भी जल्द गिरफ्तार कर लेगी, जिसने साक्ष्यों से छेड़छाड़ की थी।
पटना सिटी व्यवहार न्यायालय से सर्च वारंट लेने के बाद एसआइटी में शामिल एएसपी (मुख्यालय सह अभियान) राकेश कुमार दुबे के नेतृत्व में टीम बीएसएससी के निलंबित अध्यक्ष सुधीर कुमार के घर की तलाशी लेने के लिए शनिवार को हजारीबाग गई थी।
इससे पूर्व टीम ने उनके पटना स्थित घर और कार्यालय की तलाशी ली थी, जहां से मालूम हुआ कि कुछ साक्ष्य नष्ट कर दिए गए हैं। कई सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई है। टीम ने हजारीबाग स्थित घर की तलाशी ली तो वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले।
लैपटॉप में देख कागज पर उतारे थे उत्तर
सूत्रों के मुताबिक रिमांड पर पूछताछ के दौरान अध्यक्ष के भांजे आशीष ने स्वीकार किया था हजारीबाग स्थित घर में उसे नाना (सुधीर के पिता राधामोहन प्रसाद) ने पेन ड्राइव दिया था। उसी में प्रश्नपत्र और उत्तर थे। वहीं उसने लैपटॉप में पेन ड्राइव को लगाया और स्क्रीन पर देखकर उसने कागज पर उत्तर उतारे थे।
शुरुआत में उसने इंटरस्तरीय परीक्षा की प्रथम और दूसरी पाली के उत्तर लिखे थे। उसने प्रथम पाली में परीक्षा दी थी, जबकि मामी (अध्यक्ष के छोटे भाई प्रो. अवधेश कुमार की पत्नी मंजू देवी) दूसरी पाली की परीक्षा में शामिल होने वाली थी।
दोबारा गया था नाना के घर
दलाल रामेश्वर के करीबी सज्जाद के कहने पर रंजन के साथ आशीष दोबारा नाना के घर गया था। उसने नाना से कहा कि रंजन की परीक्षा चौथी पाली में होने वाली है, इसलिए पेन ड्राइव दोबारा चाहिए। हालांकि, तब तक पेन ड्राइव अध्यक्ष तक पहुंच गई थी। अध्यक्ष के कहने पर वह पटना आया। यहां उसने तीसरे और चौथे चरण की परीक्षा के प्रश्नपत्रों के उत्तर कागज पर उतारे और मोबाइल से तस्वीर खींच वाट्स-एप पर रामेश्वर को भेज दिया।
आनंद ने पेन ड्राइव में दिए थे प्रश्नपत्र और उत्तर
एसआइटी के एक अधिकारी के मुताबिक इवेलुएटर आनंद बरार ने पेन ड्राइव में प्रश्नपत्र और उत्तर दिए थे। दरअसल, उसे मूल्यांकन के लिए प्रश्न और उत्तर मुहैया करा दिए गए थे। अध्यक्ष के मांगने पर उसने दोनों ही दस्तावेज पेन ड्राइव में करके उन्हें उनके कार्यालय में दे दिए थे। पेन ड्राइव पहुंचाने के लिए वह खुद दिल्ली से पटना आया था।
