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    बिहार में मैथिली भाषा-संस्कृति को नई ऊर्जा देने की पहल, संजय सरावगी ने सीएम को लिखा लेटर

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 09:23 PM (IST)

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर मैथिली अकादमी को पूर्ववत स्वतंत्र एवं स्वायत्त स्वरूप में सशक्त करने का आग्र ...और पढ़ें

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    बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर मैथिली अकादमी को पूर्ववत स्वतंत्र एवं स्वायत्त स्वरूप में सशक्त करने का आग्रह किया है।

    सरावगी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्ष 1976 में स्थापित मैथिली अकादमी ने शोध, प्रकाशन एवं साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से मैथिली भाषा को न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त पहचान दिलाई है।

    अकादमी की प्रकाशित पुस्तकें विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों के यूपीएससी एवं बीपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी महत्वपूर्ण रही हैं।

    प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार मैथिली अकादमी के सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक सकारात्मक कदम उठाएगी, जिससे शोधार्थियों, विद्यार्थियों और साहित्यकारों को नई ऊर्जा और अवसर प्राप्त होंगे।

    उन्होंने कहा कि मैथिली अकादमी का सशक्तिकरण बिहार की सांस्कृतिक विरासत को और अधिक समृद्ध करेगा तथा करोड़ों मैथिलीभाषियों की भावनाओं का सम्मान भी सुनिश्चित करेगा।

    साहू की टिप्पणी निंदनीय 

    भाजपा ने उत्तराखंड सरकार के मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस बयान को शर्मनाक बताते हुए कहा कि यह मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है। साहू की टिप्पणी निंदनीय है, शर्मनाक है। महिला किसी भी सूरत में सौदे की वस्तु नहीं है।

    भाजपा के किसी कार्यकर्ता की यह संस्कृति नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि साहू ने बयान को लेकर माफी मांग ली है। उधर, पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने भी साहू के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह गिरधारी लाल साहू के मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।