Lok Sabha Election 2024: राजद और कांग्रेस ने की बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग, EC को सौंपा ज्ञापन
राजद ने आयोग को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा है। जिसमें आगामी लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने वीवी पैट से निकली पर्ची मतदाता को दिखाने ईवीएम की गिनती शुरू करने के पहले पोस्टल बैलेट की गिनती कर प्राप्त मतों की घोषणा करने दलित पिछड़ा अल्पसंख्यक एवं कमजोर वर्ग के मतदाताओं की संख्या कम रहने पर भी उनके लिए पृथक मतदान केंद्र बनाने समेत अन्य मांग शामिल हैं।

राज्य ब्यूरो, पटना। राष्ट्रीय जनता दल ने भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मिलकर मांग की है कि लोकसभा चुनाव ईवीएम के बदले बैलेट पेपर पर कराए जाएं। आयोग से यह मांग भी की गई है कि वीवी पैट पर्चियों को सीलबंद बक्से में रखा जाए और उनकी गिनती भी ईवीएम के साथ कराई जाए। भारत निर्वाचन आयोग की टीम मंगलवार को पटना में थी और विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर रही थी।
राजद की ओर से आयोग से मिलने गए प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष वृषण पटेल, प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन एवं मुख्यालय प्रभारी महासचिव मुकुंद सिंह शामिल थे।
आयोग के साथ हुई बैठक के बाद चितरंजन गगन ने बताया कि पार्टी ने आयोग को 20 सूत्री ज्ञापन सौंपा है। जिसमें आगामी लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने वीवी पैट से निकली पर्ची मतदाता को दिखाने, ईवीएम की गिनती शुरू करने के पहले पोस्टल बैलेट की गिनती कर प्राप्त मतों की घोषणा करने, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक एवं कमजोर वर्ग के मतदाताओं की संख्या कम रहने पर भी उनके लिए पृथक मतदान केंद्र बनाने समेत अन्य मांग शामिल हैं।
गगन ने बताया कि पार्टी ने आयोग से यह मांग भी की है कि मतदान समाप्त होने के बाद पोलिंग एजेंट को मतदान का पूरा ब्योरा दिया जाए। माक मतदान के लिए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि को समुचित प्रशिक्षण दिया जाए तथा मतदान के पूर्व सभी दलों के प्रतिनिधि की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस की मांग, ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से हो मतदान
कांग्रेस ने ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की। पार्टी के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन सौंप चुनाव प्रक्रिया से संबंधित दस सुझाव दिए गए हैं। लोकसभा चुनाव को स्वच्छ, भयमुक्त एवं पक्षपात मुक्त बनाने की अपील की गई है। अनुरोध है कि ईवीएम से ही चुनाव कराए जाने की स्थिति में सभी मतदान केंद्रों पर उपयोग किए जाने वाले ईवीएम की संख्या को सार्वजनिक किया जाए। मतगणना के समय ईवीएम एवं वीवीपैट से प्राप्त पर्ची के मिलान के बाद ही परिणाम घोषित किया जाए।
शिकायत यह कि बिहार के लगभग 12-13 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए, जो संवैधानिक अन्याय है। इसके अलावा कमजोर वर्ग से आने वाले मतदाताओं, वृद्ध, महिला आदि को पूर्ण सुरक्षा एवं चिकित्सा की व्यवस्था करने की मांग की। ब्रजेश प्रसाद मुनन के नेतृत्व वाले शिष्टमंडल में प्रतिमा कुमारी दास, डा. हरखु झा, रीता सिंह व शिव प्रकाश गरीब दास सम्मिलित रहे।
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