पटना, जागरण टीम। Bihar Rajya Sabha Election लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के संस्‍थापक व पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) के निधन से खाली हुई राज्‍यसभा सीट (Rajya Sabha Seat) के लिए नामांकन (Nomination) की अंतिम तारीख तीन दिसंबर है। राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने इसके लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता व पूर्व उपमुख्‍यमंत्री सुशील मोदी (Ex Dy.CM Sushil Modi) का नाम फाइनल कर दिया है।

महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने भी किसी दलित नेता को मैदान में उतारने का फैसला किया है। इसके लिए राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) ने राम विलास पासवान की पत्‍नी रीना पासवान (Reena Paswan) को मैदान में उतारने का ऑफर दिया, जिसे एलजेपी अध्‍यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने खारिज कर दिया है। इसके बावजूद आरजेडी अभी भी चिराग को मनाने में जुटी है। ऐसे में सवाल यह है कि क्‍या खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का हुनमान (Hanuman) कहने वाले चिराग पासवान बीजेपी के खिलाफ जंग लड़ने के लिए तैयार हो जाएंगे? अगर नहीं (जैसा कि एलजेपी ने स्‍पष्‍ट कर दिया है) तो आरजेडी का अगला कदम क्‍या होगा?

महागठबंधन के प्रस्‍ताव को मानने से चिराग ने किया इनकार

एलजेपी ने आरजेडी की ओर से रामविलास पासवान की पत्नी रीना पासवान को राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। एलजेपी के मीडिया प्रभारी कृष्ण सिंह कल्लू ने इसे स्‍वीकार करते हुए कहा है कि महागठबंधन के कुछ नेताओं ने ऐसा प्रस्ताव दिया था, लेकिन चिराग पासवान ने उसे मानने से इनकार कर दिया।

चिराग के लिए अंत समय तक दरवाजे खोल कर रखेगा आरजेडी

विदित हो कि एनडीए ने वैश्य समाज से आने वाले सुशील मोदी को राज्‍यसभा सीट के लिए उम्‍मीदवार बनाया है, जो बुधवार को नामांकन दाखिल करेंगे। उधर, आरजेडी चाहता है कि दलित नेता के निधन से खाली हुई इस सीट के लिए किसी दलित को ही मौका दिया जाए। लिस्‍ट में श्‍याम रजक जैसे कई नाम हैं, लेकिन आरजेडी ने राम विलास पासवान की पत्‍नी रीना पासवान के नाम का ऑफर देकर एक तीर से कई शिकार करने की कोशिश की। इसे चिराग पासवान ने नकार दिया है। हालांकि, आरजेडी को अभी भी उम्‍मीद है कि चिराग पासवान ऑफर को स्वीकार कर लेंगे। पार्टी चिराग के लिए अपने दरवाजे अंतिम समय तक खोल कर रखेगी।

बीजेपी केंद्रीय नेतृत्‍व से संबंध नहीं बिगाड़ना चाहती एलजेपी

रामविलास पासवान बतौर एनडीए उम्‍मीदवार पिछले वर्ष राज्‍यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। उन्‍हें बीजेपी के अलावा जनता दल यूनाइटेड (JDU) का भी समर्थन मिला था। लेकिन इस बार हालात बदले हुए हैं। एलजेपी अध्‍यक्ष चिराग पासवान ने बिहार विधान सभा चुनाव में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नेतृत्‍व में चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। उन्‍होंने चुनाव के दौरान बीजेपी को वॉक ओवर दे दिया, लेकिन जेडीयू उम्‍मीदवारों के खिलाफ अपने उम्‍मीदवार खड़े कर उनके वोट काटने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इससे एनडीए को नुकसान हुआ। लेकिन गठबंधन में जेडीयू की सीटें कम करने के अपने मकसद में चिराग कामयाब रहे।

विधानसभा चुनाव के दौरान एनडीए में जेडीयू के खिलाफ मोर्चा खोले रहे चिराग पासवान ने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का हनुमान बताते हुए बीजेपी का खुला समर्थन भी किया। खास बात यह भी है कि इस बगावत के लिए एनडीए में चिराग पासवान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उनकी पार्टी अभी भी केंद्र में एनडीए का हिस्‍सा है। इससे जेडीयू में नाराजगी दिखती रही है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि बिहार चुनाव में एनडीए से कटुता के बाद एलजेपी अब बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व से संबंध नहीं बिगड़ना चाहती है।

सुशील मोदी के बहाने एनडीए में डैमेज कंट्रोल की कोशिश

बिहार में मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के निकट सहयोगी रहे सुशील मोदी को बीजेपी ने नई सरकार में फिर उपमुख्‍यमंत्री (Dy CM) नहीं बनाया है। बीजेपी ने उन्‍हें मैदान में उतार कर केंद्र की राजनीति में अहम जिम्मेदारी देने का संकेत भी दिया है। जेडीयू की नाराजगी के बीच बीजेपी ने एलजेपी से उम्‍मीदवार नहीं देकर डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी की है। इससे चिराग पासवान की उम्‍मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।

पासवान की पत्‍नी को उम्‍मीदवार बनाने का दिया ऑफर

यहीं पर इस मामले में राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी आरेजडी सुप्रीमो लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) यादव की एंट्री होती है। आरजेडी इस सीट पर कियी दलित नेता को मैदान में उतारने की योजना पर काम कर रहा है। उसने चिराग पासवान को अपनी मां रीना पासवान को मैदान में उतारने का ऑफर दिया। ऐसा होने पर एनडीए के खिलाफ महागठबंधन की गोलबंदी रीना पासवान के पक्ष में तय है। हालांकि, चिराग ने इसे ठुकरा दिया है, लेकिन महागठबंधन के कुछ नेता अभी भी चिराग को मनाने में लगे हैं। वैसे, चिराग के रूख को देखते हुए विकल्‍पों पर भी विचार किया जा रहा है।

...आरजेडी ने नहीं छोड़ी है उम्‍मीद, कोशिश लगातार जारी

बहरहाल, राज्यसभा चुनाव के नामांकन में गुरुवार तक समय है। तीन दिसंबर तक नामांकन होगा तो सात दिसबंर नाम वापसी का अंतिम दिन है। 14 दिसंबर को मतदान और मतगणना होगा। अब मोदी के हनुमान को अपने पाले में करने में आरजेडी सफल होता है या नहीं, देखना शेष है।

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