मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा समेत 6 जिलों में बनेगा रिंग रोड, हर 20 KM पर होगी फोरलेन सड़क
बिहार सरकार (Bihar Government) ने 2025-26 के बजट में सड़क निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹68006 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस बजट में छह शहरों में रिंग रोड हर 20 किमी पर फोर-लेन सड़क बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट के तहत 225 किमी सड़क का चौड़ीकरण और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित 137 योजनाओं पर काम शामिल है।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के छह शहरों में रिंग रोड का निर्माण होगा। नीतीश सरकार ने पटना के बाद मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा, कटिहार एवं बेगूसराय में रिंग रोड बनाने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का आय-व्ययक पेश करते हुए यह घोषणा की।
इसके साथ ही पथ निर्माण विभाग का 68 अरब छह करोड़ 53 लाख 49 हजार रुपये का बजट सदन से पारित हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वय सम्राट चौधरी एवं विजय सिन्हा सदन में उपस्थित थे। इससे पहले मंत्री का उत्तर से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।
हर 20 किमी की दूरी पर होगी फोरलेन सड़क
मंत्री ने कहा कि आगामी तीन-चार महीने में राज्य के किसी भी कोने से पांच घंटे में पहुंचने की योजना पूरी हो जाएगी। सरकार ने 2027 तक चार घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य तय किया है। जबकि 2035 तक राज्य के किसी भी कोने से मात्र तीन घंटे में पटना पहुंचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा, इसके लिए विकसित भारत 2047 का रोडमैप तैयार किया गया है। इसके लिए पांच हजार किमी सिंगल लेन सड़क को दो लेन या इससे अधिक चौड़ा किया जाएगा। लोगों को हर 20 किलोमीटर की दूरी पर चार लेन सड़क उपलब्ध कराया जाएगा।
बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट फेज-वन
उन्होंने कहा कि बिहार स्टेट हाईवे प्रोजेक्ट फेज एक के तहत 29 सौ करोड़ से 225 किलोमीटर की पांच योजनाओं पर काम होगा। जबकि दूसरे चरण में 6287 करोड़ से 493 कमी सड़क परियोजनाओं पर काम होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के दौरान पथ निर्माण की 137 योजनाओं की घोषणा की। 23 हजार 375 करोड़ की इन योजनाओं पर तीन महीने के भीतर काम शुरू हो जाएगा। 23 बाईपास के निर्माण पर दो हजार करोड़ खर्च होंगे। छह हजार करोड़ से जेपी गंगा पथ का कोईलवर से मोकामा तक विस्तार होगा।
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने दो लाख 48 हजार करोड़ की योजनाओं की स्वीकृति दी है। गोरखपुर-सिल्लीगुड़ी, पटना-पूर्णिया और मोकामा-मुंगेर को बनाने में 50 हजार करोड़ खर्च होंगे। नाबार्ड से एक हजार करोड़, सीआरआइएफ में 600 करोड़ की मंजूरी दी गई है। पुलों के रखरखाव को लेकर नीति बनाई जा रही है।
छह मानकों पर तैयार यह नीति तीन-चार महीने में बन जाएगी। इसमें सरकार और प्राईवेट पार्टी मिलकर सड़कों का निर्माण करेंगे।
मंत्री के भाषण के पूर्व पक्ष-विपक्ष की ओर बजट पर विमर्श में समीर कुमार महासेठ, सुरेंद्र राम, मिथिलेश कुमार, ऋषि कुमार, ललित नारायण मंडल, श्रेयसी सिंह, गोपाल रविदास, अनिल कुमार, सत्येन्द्र यादव, सूर्यकांत पासवान, अख्तरूल इस्लाम शाहीन, सतीश दास, लखेन्द्र कुमार रौशन एवं राजकुमार सिंह ने अपने विचार रखे।
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