विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: राहुल-तेजस्वी के प्लान में चेंज, अब 17 अगस्त से हो सकती है 'वोट अधिकार यात्रा'

Published: Tue, 05 Aug 2025 06:53 PM (IST)

बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोट अधिकार यात्रा स्थगित हो गई है। अब यह यात्रा 17 अगस्त ...और पढ़ें

राहुल-तेजस्वी की यात्रा अब स्वतंत्रता दिवस के बाद
राहुल-तेजस्वी की यात्रा अब स्वतंत्रता दिवस के बाद

HighLights

  1. वोट अधिकार यात्रा स्थगित, नई तिथि जल्द
  2. 17 अगस्त से सासाराम से होगी शुरुआत
  3. एनडीए के खिलाफ महागठबंधन की रणनीति

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव 10 अगस्त से 'वोट अधिकार यात्रा' पर निकलने वाले थे। रूट-चार्ट जारी हो चुका था कि इसी बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का देहांत हो गया। आगे स्वतंत्रता दिवस भी है और उसी बीच आदिवासियों का त्योहार भी। संसद के मानसून सत्र में राहुल की व्यस्तता अलग से।

ऐसे में अब स्वतंत्रता दिवस के बाद यह यात्रा सासाराम से शुरू होगी। बहुत संभव है कि यात्रा अब 17 अगस्त से शुरू हो। रूट-चार्ट पहले वाला ही रहेगा। पहले चरण में यह यात्रा सासाराम से शुरू होकर मगध और शाहाबाद परिक्षेत्र के जिलों से गुजरनी थी। 17 अगस्त को पहले चरण का समापन होना था।

दो चरणों में होने वाली वोट अधिकार यात्रा एनडीए सरकार के विरुद्ध माहौल बनाने की रणनीति मानी जा रही। इसके जरिए महागठबंधन मतदाता-सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं, ईवीएम की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली जैसे मुद्दों को लेकर जनता से सीधा संवाद करना चाहता है।

जन-हित से जुड़े दूसरे मुद्दों पर भी संवाद होना है। ऐसे में यात्रा के स्थगित होने पर कई चर्चाएं हो रहीं, लेकिन राजद और कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मात्रा तिथि परिवर्तन है, इरादा अटल है। कई जिलों में भारी वर्षा से बाढ़ और जलजमाव की स्थिति है। इस कारण भी यात्रा में समस्याएं होतीं।

30 जुलाई को महागठबंधन की समन्वय समिति की बैठक में इस यात्रा का निर्णय लिया गया था, जिसकी घोषणा स्वयं तेजस्वी यादव ने की थी।

तय रणनीति के अनुसार, यात्रा बिहार के लगभग सभी जिलों से होते हुए पटना आकर समाप्त होगी। उस दिन बड़ी रैली की योजना है। हालांकि, उस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी के साथ महागठबंधन के घटक दलों के कई बड़े नेताओं की इसमें सहभागिता हो सकती है।