PM Awas Yojana: जिनके पास घर नहीं वो टेंशन फ्री हो जाएं, शहरों में भी शुरू हुआ पीएम आवास का सर्वे
बिहार में पीएम आवास योजना (PM Awas Yojana) के तहत शहरी क्षेत्रों में 1 लाख घरों का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार सभी 261 शहरी निकायों में सर्वे करा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी आवासहीन परिवार छूटे नहीं। सर्वे रिपोर्ट के सत्यापन के बाद प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के तहत लाभुकों का चयन किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। शहरी क्षेत्र में कितने आवासहीन परिवार हैं, राज्य सरकार इसका विस्तृत सर्वे करा रही है। सभी 261 शहरी निकायों में यह सर्वे वार्डस्तर पर किया जा रहा है। इसमें जो आवासहीन परिवार छूट गए हैं, उनको चिह्नित करने के लिए पांच फरवरी को विशेष अभियान चलाया जाएगा।
नगर विकास एवं आवास विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक भी आवासहीन परिवार की जानकारी छूटनी नहीं चाहिए।सभी शहरी निकायों को 15 फरवरी तक रिपोर्ट भेजने का निदे्रश दिया गया है। सर्वे रिपोर्ट के सत्यापन के बाद इनमें से प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 2.0 के लिए लाभुकों का चयन किया जाएगा।
1 लाख घरों का टारगेट
इस साल अप्रैल तक एक लाख शहरी गरीबों को आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब 50 हजार आवास वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 खत्म होने के पहले ही मार्च तक आवंटित कर दिए जाएंगे।
विभागीय जानकारी के अनुसार, सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को निर्देश दिया है कि गृहविहीनों के सर्वे और सत्यापन के लिए वार्डस्तर पर मानवबल की प्रतिनियुक्ति की जाए।
- वार्ड सदस्य को अध्यक्ष बनाते हुए, ये रिपोर्ट मांगी गई है कि सर्वे में किसी भी आवासहीन का नाम छूटा नहीं है। इसका उन्हें लिखित प्रमाण पत्र देना होगा। हर वार्ड में सुपरवाइजर को यह टास्क सुनिश्चित करना है।
- विभागीय जानकारी के अनुसार, अभी तक सर्वे कर भेजे गये प्रस्तावों में से करीब 38 हजार का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।
- विभाग ने सभी नगर आयुक्त व कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 15 फरवरी तक निश्चित रूप से सर्वे कर पोर्टल के माध्यम से एंट्री भेजना सुनिश्चित करें। पहले यह तिथि 31 जनवरी थी, जिसे 15 दिनों के लिए बढ़ाया गया है।
10 शहरी निकायों ने नहीं भेजी रिपोर्ट, मिली चेतावनी:
विभागीय निर्देश के बावजूद अब तक दस शहरी निकायों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का सर्वे डाटा विभाग को नहीं भेजा है। इनमें गड़हनी, जगदीशपुर, पीरो, बेनीपुर, वजीरगंज, हाटा, रामगढ़, असरगंज, कुढ़नी व मेहसी नगर निकाय शामिल हैं। इनको निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
इसके साथ ही पोर्टल पर एंट्री के मामले में काफी खराब प्रदर्शन करने वाले शहरी निकायों मेहसी, सिमराही, राघोपुर, रानीगंज, संपतचक, अकबरनगर, मोकामा, बिरौल, कोपा व अमौर को फटकार भी लगाई गयी है। विभाग के सचिव अभय कुमार ने पिछड़े निकायों को प्रदर्शन सुधारने की चेतावनी दी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की प्राथमिकता सूची में है। आवासहीनों के सर्वे के साथ इसके सत्यापन पर भी ध्यान देने को कहा गया है, ताकि रिपोर्ट में कोई त्रुटि न हो। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए लाभुकों का चयन किया जाएगा। इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। - नितिन नवीन, मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग
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