घने कोहरे ने तोड़ा राजधानी-संपूर्णक्रांति जैसी ट्रेनों का भरोसा, अब मगध और श्रमजीवी बनीं यात्रियों की नंबर-1 चॉइस
घने कोहरे के कारण पटना से चलने वाली वीआईपी ट्रेनें जैसे तेजस राजधानी और संपूर्णक्रांति घंटों देरी से चल रही हैं। इससे यात्री इन ट्रेनों से कतराने लगे ...और पढ़ें

घने कोहरे ने तोड़ा राजधानी-संपूर्णक्रांति जैसी ट्रेनों का भरोसा
जागरण संवाददाता, पटना। घने कोहरे के कारण घंटों की देरी झेल रहीं वीआईपी ट्रेनों तेजस राजधानी, संपूर्णक्रांति और राजेंद्र नगर–नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस—से यात्री अब कतराने लगे हैं। बीते पांच दिनों में इन ट्रेनों की भारी लेटलतीफी के चलते पटना से दिल्ली के लिए इनमें आरक्षण अपेक्षाकृत आसानी से मिल रहा है।
इसके उलट, पटना होकर चलने वाली मगध एक्सप्रेस और श्रमजीवी एक्सप्रेस यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं। वजह साफ है—जहां वीआईपी ट्रेनों की देरी 15 से 17 घंटे तक पहुंच रही है, वहीं मगध और श्रमजीवी अपेक्षाकृत कम लेट चल रही हैं। पिछले पांच दिनों में मगध एक्सप्रेस अधिकतम 26 दिसंबर को 8 घंटे 24 मिनट और श्रमजीवी एक्सप्रेस करीब 7 घंटे विलंब से चली।
तेजस राजधानी 17 घंटे देर से पटना पहुंची
आंकड़े बताते हैं कि 29 दिसंबर को तेजस राजधानी 17 घंटे और संपूर्णक्रांति 16 घंटे देरी से पटना पहुंचीं। 28 दिसंबर को भी तेजस 15 घंटे 28 मिनट और संपूर्णक्रांति 13 घंटे 24 मिनट लेट रही। इस लगातार देरी के कारण यात्री समय पर पहुंचने की उम्मीद में मगध और श्रमजीवी का चयन कर रहे हैं।
नतीजतन, जनवरी के पहले सप्ताह तक तेजस राजधानी, संपूर्णक्रांति और अमृत भारत एक्सप्रेस में वेटिंग घटकर कन्फर्म टिकट मिल रहे हैं, जबकि मगध और श्रमजीवी में वेटिंग बढ़ गई है। यात्रियों का आरोप है कि वीआईपी ट्रेनों पर अपेक्षित निगरानी न होने से वे अन्य मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों से भी ज्यादा देर से चल रही हैं।

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