पटना [जेएनएन]। राजधानी का तारामंडल सभागार बदल गया है। तारामंडल परिसर में प्रवेश करते ही इसका निखरा हुआ रूप आपको नजर आएगा। चमचमाती इमारत, भव्य ऑडिटोरियम का लुक और आसपास स्वच्छता। ये बताता है कि तारामंडल अब पहले जैसा नहीं रहा।

तारामंडल के निदेशक डॉ. नित्यानंद प्रसाद बताते हैं, मुझे महज आठ महीने यहां ज्वाइन किए हुए हैं। मेरा मकसद है कि अपने कार्यकाल के दौरान देश का बेस्ट तारामंडल पटना के लोगों को समर्पित कर सकूं, जहां वे विज्ञान का दिलचस्प शो तो देख ही सके, साथ ही अत्याधुनिक ऑडिटोरियम में सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम का भी आनंद उठा सके।

डिजिटल हुआ ऑडियो-वीडियो सिस्टम

आज से महज कुछ महीने पहले तक तारामंडल प्रेक्षागृह की हालत ठीक नहीं थी। कुर्सियों के साथ ऑडियो-वीडियो सिस्टम भी पुराना था मगर अब ग्राउंड फ्लोर के प्रेक्षागृह का सौंदर्य देखने लायक है। कुर्सियों की मरम्मत कराई गई है। दीवारों पर आकर्षक रंग चढ़ाकर इसे खूबसूरत बनाया गया है। मुख्य स्टेज के बैकग्राउंड को आकर्षक बनाया गया है। निर्देशक डॉ. नित्यानंद के अनुसार हॉल के ऑडियो-वीडियो सिस्टम को आधुनिक किया गया है। ताकि सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद दोगुना हो सके।

इंटीरियर डेकोरेशन कमाल का

हॉल का इंटीरियर डेकोरेशन भी कमाल का है। ऑडिटोरियम के अंदर जगह-जगह सुंदर फूलों की नक्काशी है। दीवार और छत को अलग-अलग रंगों से रंगा गया है ताकि हॉल की खूबसूरती बढ़े। मुख्य मंच के बैकग्राउंड को भी खास बनाने की कोशिश की गई है। इसके अलावा हॉल के अंदर आधुनिक लाइटें लगाई गई हैं, जो कार्यक्रम के मूड के हिसाब से अपना रंग बदलेंगी।

स्काई थियेटर शो और होगा खास

तारामंडल में लगभग दो दशक से चल रहे स्काई थियेटर शो को और आकर्षक बनाने की तैयारी चल रही है। अब दर्शकों को नए प्रोजेक्टर के जरिए ब्राह्मांड की रहस्यमय दुनिया के बारे में बताया जाएगा। डॉ. नित्यानंद प्रसाद के अनुसार, स्काई थियेटर की मशीन बहुत पुरानी हो गई है। यह करीब 1993 से है, जिसे राज्य सरकार के विज्ञान व तकनीकी विभाग से बदलने का आग्रह किया गया है। नई मशीन लगाने की प्रक्रिया बहुत तेजी से चल रही है। बहुत ही जल्द ही दर्शक नई प्रोजेक्टर मशीन से साइंस शो देख पाएंगे।

परिसर का भी बदला स्वरूप

तारामंडल बिल्डिंग की बाहरी और आंतरिक खूबसूरती का ध्यान तो रखा ही गया है, साथ ही परिसर को भी पूरी तरह से ग्रीन लुक दिया गया है। तारामंडल परिसर में प्रवेश करते ही लोगों का सुकून महसूस हो, इसके लिए एक से बढ़कर फूल लगाए हैं। पार्क में नई हरी घास की चादर बिछाई गई है। साथ में बगिया को महकाने वाले फूल लगाए गए हैं। परिसर की स्वच्छता का भी अब विशेष ख्याल रखा जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में शरीक होने वाले लोगों के लिए पार्किंग की भी व्यवस्था भी परिसर के दोनों छोर पर की गई है।

हॉल के अंदर ऑडियो-वीडियो सिस्टम से लेकर लाइट्स की व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। इंटीरियर डिजाइन भी बदला गया है। बहुत जल्द लोग स्काई थियेटर में नई मशीन के जरिए ब्राह्मंड का रहस्य जान पाएंगे।

डॉ. नित्यानंद प्रसाद, निदेशक, तारामंडल

Posted By: Ravi Ranjan

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