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    पटना नगर निगम 2026 प्लान: कदमकुआं मॉडल पर बनेंगे 26 नए वेंडिंग जोन, पिंक टॉयलेट्स के विस्तार पर दिया जाएगा जोर

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 06:00 AM (IST)

    पटना नगर निगम ने 2025 में कई उपलब्धियां हासिल कीं और अब 2026 के लिए नई योजनाएं तैयार हैं। इसमें कदमकुआं मॉडल पर 26 नए स्थायी वेंडिंग जोन बनाना, सड़कों ...और पढ़ें

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    नए साल में कदमकुआं माडल पर राजधानी में बनेंगे 26 नए स्थायी वेंडिंग जोन। फोटो जागरण

    जागरण संवाददाता, पटना। पटना नगर निगम ने वर्ष 2025 में राजधानी को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026 में भी कई नई योजनाओं को अमल में लाने की तैयारी है। कदमकुआं वेंडिंग जोन की सफलता को देखते हुए नगर निगम अब इसी मॉडल पर राजधानी में 26 नए स्थायी वेंडिंग जोन विकसित करेगा।

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    कदमकुआं स्थायी वेंडिंग जोन से जहां सड़क पर सब्जी बेचने वाले दुकानदारों को स्थायी स्थान मिला, वहीं अतिक्रमण और यातायात की समस्या में भी कमी आई। प्रस्ताव के अनुसार, पाटलिपुत्र अंचल क्षेत्र में 10, बांकीपुर अंचल में चार, नूतन राजधानी अंचल में सात और कंकड़बाग अंचल क्षेत्र में पांच वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे।

    इसके अलावा अजीमाबाद और पटना सिटी अंचल क्षेत्रों में भी वेंडिंग जोन के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान की जाएगी। नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों और फुटपाथों के निर्माण तथा मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर कराए जाएंगे। साथ ही जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नालों की उड़ाही और ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार के कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएंगे।

    वर्ष 2026 में प्रस्तावित विकासात्मक एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से बुधवार को मेयर सीता साहू, उप मेयर रेशमी कुमारी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा और उप नगर आयुक्त राजन सिन्हा ने बैठक की।

    राज्य में शहरी अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में नया मानक स्थापित होगा

    वर्ष 2025 में घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया गया। गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण पर विशेष ध्यान दिया गया। नगर निगम ने मेगा एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना के तहत 15 मेगावाट अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र, 100 टीपीडी बायो-सीएनजी प्लांट, एमआरएफ/आरडीएफ इकाइयां, 700 टीपीडी खाद संयंत्र तथा वैज्ञानिक सेनेटरी लैंडफिल की स्थापना की जाएगी। इससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

    सर्वे के बाद अतिरिक्त लाइटें लगाई जाएंगी

    स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा पहले से स्थापित स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट के साथ-साथ अतिरिक्त लाइटें भी लगाई जाएंगी। सर्वे के पूरा होने के बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कितनी नई लाइटें लगाई जानी हैं, इसका निर्धारण कर आरएफपी (रिक्वेस्ट फार प्रपोजल) तैयार की जाएगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस योजना को अमल में लाया जाएगा।

    पिंक टॉयलेट्स के विस्तार पर दिया जाएगा विशेष जोर

    वर्ष 2025 में नगर निगम द्वारा सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण तथा पिंक टायलेट्स की स्थापना के लिए किए गए प्रयासों को आगामी अवधि में और अधिक व्यापक और सुदृढ़ किया जाएगा। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक, आकर्षक और सुविधाओं से युक्त शौचालयों की संख्या बढ़ाई जाएगी। खास तौर पर महिलाओं के लिए पिंक टायलेट्स के विस्तार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

    शहर की दीवारों पर बिखरेगी रंगों की रचनात्मक छटा

    नए साल में नगर निगम राजधानी की सुंदरता को और अधिक निखारने की दिशा में एक नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत चयनित सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों की दीवारों पर आकर्षक वाल पेंटिंग्स बनाई जाएंगी। इन पेंटिंग्स में विविध कलात्मक विषयों के साथ रंगों का सुंदर और संतुलित संयोजन देखने को मिलेगा।