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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Patna Metro: मेट्रो रेल डिपो निर्माण के लिए मकान पर चला बुलडोजर, महिला का रो- रोकर बुरा हाल

By ahmed raza hasmi Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Sat, 03 Feb 2024 06:26 PM (IST)

Patna Metro पटना के अगमकुआं थाना अंतर्गत बैरिया पहाड़ी के समीप पटना मेट्रो रेल डिपो परियोजना के चल रहे निर्माण ...और पढ़ें

पटना मेट्रो के चलते चला बुलडोजर- रो-रो कर अपनी पीड़ा सुनाती गृहस्वामी रश्मि ठाकुर (जागरण)
पटना मेट्रो के चलते चला बुलडोजर- रो-रो कर अपनी पीड़ा सुनाती गृहस्वामी रश्मि ठाकुर (जागरण)

HighLights

  1. भारी सुरक्षा बल और पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई।
  2. पूर्व में दिए गए नोटिस को गृहस्वामी ने लेने से इनकार कर दिया था।

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। Patna News: पटना के अगमकुआं थाना अंतर्गत बैरिया पहाड़ी के समीप पटना मेट्रो रेल डिपो परियोजना के चल रहे निर्माण कार्य के लिए अधिग्रहित किए गए एक मकान को कोर्ट के आदेश से जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को तोड़ा गया।

भारी सुरक्षा बल और पदाधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा किया। गृहस्वामी मनोज कुमार ठाकुर और रश्मि ठाकुर का आरोप था कि बिना पूर्व नोटिस दिए मकान तोड़ने की कार्रवाई प्रशासन द्वारा की जा रही है। कोर्ट के आदेश अनुसार उनके पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना दो मंजिला मकान तोड़ा जा रहा है।

अंचलाधिकारी जितेंद्र पांडेय ने बताया कि मैट्रो डिपो के निर्माण कार्य में बाधक बन रहे इस अधिग्रहित मकान पर कार्रवाई की गयी है। मौके पर मौजूद अंचल के राजस्व पदाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश व निर्देशानुसार सभी प्रक्रिया पूरी करने के उपरांत ही प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है।

पूर्व में दिए गए नोटिस को गृहस्वामी ने लेने से इनकार कर दिया था। नोटिस मकान पर चस्पा किया गया है। अधिग्रहित मकान के बदले विभाग द्वारा मुआवजा राशि दी गई है।

बुलडोजर द्वारा मकान को ध्वस्त किए जाने के दौरान घर का सामान लोग बाहर निकाल कर खुले भूखंड पर बिछे टाट पर जमा करने लगे। इस कार्य में स्थानीय नागरिक भी गृहस्वामी की मदद कर रहे थे।

कार्रवाई के दौरान उपस्थित सीपीआई के जिला सचिव विश्वजीत कुमार व अन्य ने कहा कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए तथा उचित मुआवजा दिए बिना ही मकान तोड़ने की कार्रवाई कर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा 70 पुरुष एवं 30 महिला पुलिस बल के साथ 25 सशस्त्र पुलिस बल्कि तैनाती की गई थी।

27 मकान चिह्नित, तीन मकान पहले टूट चुका

अधिग्रहित मकान को तोड़ने की चल रही कार्रवाई के दौरान मौजूद नागरिकों ने बताया कि बैरिया पहाड़ी क्षेत्र में 27 अन्य मकानों को चिह्नित किया गया है। इनमें से तीन अधिग्रहित मकान पूर्व में तोड़ा जा चुका है। चौथा मकान मनोज कुमार ठाकुर का तोड़ा जा रहा है। नागरिकों ने मकान तोड़ने से पहले प्रभावित परिवार के पुनर्वास की मांग प्रशासन से की।

पूजा करने के दौरान ही घर तोड़ने पहुंच गई पुलिस

जतन और पसंद से जीवनभर की कमाई लगाकर बनाए गए मकान को आंखों के सामने टूटता देख गृहस्वामी रश्मि ठाकुर दहाड़ मार कर रोती रही। एक पुत्र और एक पुत्री घर तथा पति घर के अंदर से सामान बाहर लगा कर जमा करते रहे। रश्मि ने कहा कि शनिवार को परिवार के लिए सुख समृद्धि की कामना करते हुए पूजा कर रही थी।

इसी बीच लोगों ने खबर दी कि पुलिस आपका मकान तोड़ने पहुंची है। घर के किसी सदस्य के मुंह में सुबह से एक निवाला नहीं गया है। बसी गृहस्थी बिखर गयी। मुआवजा की पचास लाख राशि से सिर छिपाने को घर बनेगा या अविवाहित दोनों बच्चों का भविष्य संवरेगा?

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