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    शराबबंदी मामले में जब्त वाहनों की नीलामी में सुस्ती: पटना में करोड़ों का राजस्व अटका, DM करेंगे साप्ताहिक समीक्षा

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 04:26 AM (IST)

    पटना में शराबबंदी के तहत जब्त वाहनों की नीलामी प्रक्रिया धीमी होने से करोड़ों रुपये का राजस्व अटका हुआ है। 17 मार्च से 15 दिसंबर 2025 के बीच 306 वाहनो ...और पढ़ें

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    जागरण संवाददाता, पटना। मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत शराबबंदी उल्लंघन मामलों में जब्त वाहनों की नीलामी जिले में राजस्व का बड़ा साधन है। 17 मार्च से 15 दिसंबर 2025 के बीच 306 वाहनों की नीलामी प्रक्रिया पूरी हुई और इससे सरकार को 5 करोड़ 92 लाख 7 हजार रुपये प्राप्त हुए। इसी बीच 13 वाहनों को एक करोड़ 30 लाख 32 हजार 394 रुपये जुर्माना वसूल मालिकों को सौंपे गए।

    जब्त वाहनों पर फैसले व नीलामी की धीमी प्रक्रिया से करोड़ों के राजस्व की क्षति हो रही है। डीएम-एसएसपी की मद्यनिषेध विभाग की समीक्षा बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, गत नौ माह में विभिन्न अनुमंडलों से 1,562 वाहनों के मूल्यांकन का प्रस्ताव जिला परिवहन पदाधिकारी के पास भेजा गया। इस बीच सिर्फ 306 वाहनों का ही मूल्यांकन व नीलामी प्रक्रिया पूरी हो सकी। 1,256 वाहनों का मूल्यांकन नहीं होने से अबतक नीलामी प्रक्रिया लंबित है।

    अधिकारियों के अनुसार, जुर्माना वसूल जिन 13 वाहनों को मुक्त किया गया है उनसे औसतन 10 लाख से अधिक राजस्व मिला। वहीं, जर्जर हो चुके वाहनों की नीलामी से औसतन 1.93 लाख रुपये प्रति वाहन का राजस्व मिला। प्रशासनिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार में पटना सदर, पटनासिटी, दानापुर व बाढ़ जैसे अनुमंडल सबसे आगे हैं।

    अधिहरण वादों का लंबित रहना बड़ी चुनौती

    शराब ढुलाई में इस्तेमाल वाहन को उत्पाद विभाग या पुलिस जब्त कर उसके खिलाफ अधिहरण वाद दर्ज करती है। इसमें दंडाधिकारी की कोर्ट तय करती है कि जब्त वाहन का अंतिम निपटारा कैसे होगा, उसे सरकार की संपत्ति घोषित किया जाएगा, जुर्माना लेकर मुक्त किया जाएगा या अन्य कानूनी कारणों से वाहन को मुक्त किया जाएगा। नौ माह में 2661 अधिहरण वाद लाए गए।

    इनमें से 2151 वाहन राज्यसात यानी सरकारी संपत्ति घोषित किए गए या स्थगित-जुर्माना पर मुक्त किए जा चुके हैं। 510 अधिहरण वाद अबतक लंबित हैं जबकि 13 वाहनों को एक करोड़ 30 लाख 32 हजार 394 रुपये जुर्माना वसूल मुक्त किया गया। सबसे अधिक 137 वाद पटना सदर मद्य निषेध के नोडल पदाधिकारी, 121 वाद बाढ़ के भूमि सुधार उप समाहर्ता, 73 वाद पटना सदर भूमि सुधार उप समाहर्ता व 55 दानापुर मद्यनिषेध अधीक्षक की कोर्ट में लंबित हैं।

    तेजी के लिए डीएम करेंगे साप्ताहिक समीक्षा

    डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम व एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने मद्यनिषेध एवं उत्पाद मामलों की समीक्षा बैठक में शराबबंदी अभियान के तहत जब्त वाहनों की नीलामी, राज्यसात करने, जब्त शराब, अधिहरण वाद व विनष्टीकरण प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारी द्वय ने इसके लिए नियमित छापेमारी, गिरफ्तारी व जब्ती बढ़ाने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को वाहनों के अधिहरण वादों के त्वरित निष्पादन, शराब विनष्टीकरण में देरी नहीं करने और कोर्ट से निष्पादन दर बढ़ाने का निर्देश दिया।

    मूल्यांकन व नीलामी की धीमी प्रक्रिया के कारण न केवल राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है बल्कि वर्षों से थाने में खड़े वाहन भी जर्जर हो रहे हैं। लंबित वादों के शीघ्र निपटारे के लिए समन्वित कार्रवाई, समयबद्ध सुनवाई और विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। डीएम खुद हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा करेंगे।

    वाहन जब्ती सख्ती के साथ आर्थिक दंड का मजबूत आधार

    अवैध शराब कारोबार में इस्तेमाल वाहनों की जब्ती इस गोरखधंधे में लगे माफिया के लिए सबसे बड़ी मुसीबत साबित हो रहे हैं। अपराधियों के लिए वाहन गंवाना सबसे बड़ा डर साबित हो रहा है। आर्थिक दंड के साथ-साथ वाहन जब्ती से अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण भी हो रहा है।

    यदि लंबित अधिहरण वादों के निष्पादन व नीलामी की प्रक्रिया तेज हो जाए तो सरकार को करोड़ों का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट और दस्तावेज़ सत्यापन में देरी, मालिकाना हक को लेकर विवाद, मूल्यांकन रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने के साथ विभागों के बीच समन्वय की कमी देरी का सबसे बड़ा कारण है।

    किस अनुमंडल में कितने वाहन का मूल्यांकन लंबित

               पटना सदर-पटनासिटी
    मूल्यांकन को भेजे वाहन 1,108
    नीलाम हुए वाहन 116
    राजस्व प्राप्ति 4.31 करोड़ रुपये
    लंबित वाहन 903
                  दानापुर अनुमंडल
    मूल्यांकन को भेजे वाहन 360
    नीलाम हुए वाहन 37
    राजस्व प्राप्ति 12.66 लाख रुपये
    मूल्यांकन को लंबित वाहन 307
                  मसौढ़ी अनुमंडल
    मूल्यांकन को भेजे वाहन 87
    नीलाम हुए वाहन 24
    राजस्व प्राप्ति 3.38 लाख रुपये
    मूल्यांकन को लंबित वाहन 46