सजा से राहत नहीं, सरेंडर करें; HC ने खारिज की इनकम टैक्स के अधिकारी की याचिका
पटना हाई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के मामले में आयकर विभाग के पूर्व टैक्स असिस्टेंट राम नारायण सिंह की आपराधिक अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने सीबीआई द्वारा द ...और पढ़ें

पटना हाईकोर्ट ने बरकरार रखी सजा। सांकेतिक तस्वीर
विधि संवाददाता, पटना। पटना हाई कोर्ट ने रिश्वतखोरी के एक मामले में आयकर विभाग के तत्कालीन टैक्स असिस्टेंट राम नारायण सिंह को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी आपराधिक अपील खारिज कर दी है।
न्यायाधीश आलोक कुमार पांडेय ने सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में विशेष न्यायाधीश, सीबीआई-1, पटना द्वारा दी गई दोषसिद्धि और सजा को सही ठहराया।
मामला वर्ष 2011 का है, जब शिकायतकर्ता अरुण कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया था कि आयकर रिफंड की प्रक्रिया के लिए आरोपी ने 600 रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को रंगेहाथ रिश्वत लेते पकड़ा था। ट्रैप के दौरान रिश्वत की राशि की बरामदगी, हाथ धुलने के रासायनिक परीक्षण और स्वतंत्र गवाहों के बयान से अभियोजन पक्ष ने मांग, स्वीकार और बरामदगी तीनों तथ्यों को प्रमाणित किया।
हाई कोर्ट ने कहा कि अभियोजन ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सभी आवश्यक शर्तों को संदेह से परे सिद्ध किया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी अपने बचाव में अभियोजन साक्ष्यों को कमजोर करने में असफल रहा।
परिणामस्वरूप, अपील खारिज करते हुए आरोपी की जमानत रद्द कर दी गई और शेष सजा काटने के लिए उसे आत्मसमर्पण का निर्देश दिया गया।
राजस्व कर्मी को 10 हजार रिश्वत के साथ पकड़ा
विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने सोमवार को एक कार्रवाई में एक रिश्वतखोर राजस्व कर्मी को 10 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है।
एसवीयू के एडीजी पकंज दाराद ने बताया कि शिवहर के परनहिया अंचल के राजस्व कर्मी रामकृत महतो के बारे में विशेष निगरानी इकाई को शिकायत मिली थी।
यह शिकायत विनोद राय चंद्रवंशी की ओर से मिली थी। जिसमें कहा गया कि राजस्व कर्मी रामकृत महतो ने गलत ढ़ंग से जमाबंदी नामांतरण कर दिया है।
जिसे सुधारने के लिए रिश्वत की मांग कर रहा है।शिकायत के बाद विशेष निगरानी ने प्राथमिकी दर्ज की और एसवीयू के डीएसपी सुधीर कुमार व अन्य अधिकारियों की एक टीम बनाई।
सोमवार को जिस वक्त राजस्व कर्मी रामकृत महतो 10 हजार रुपये की रिश्वत ले रहा था ठीक उसी वक्त उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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