विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Cyber Crime: अब CBI अधिकारी बनकर लोगों को जाल में फंसा रहे ठग, कुछ सेकंड में खाली हो रहा अकाउंट

Published: Wed, 08 Jan 2025 12:45 PM (IST)

TRAI के नाम से फोन करके युवक को दो घंटे में सिम कार्ड बंद होने की धमकी दी इसके बाद ...और पढ़ें

डर और लालच का फायदा उठा रहे साइबर अपराधी
डर और लालच का फायदा उठा रहे साइबर अपराधी

HighLights

  1. TRAI के नाम पर फोन करके युवक से 44 लाख की ठगी
  2. राजा बाजार में मुनाफे के झांसे में फंसे युवक का अकाउंट हुआ खाली

जागरण संवाददाता, पटना। Cyber Crime: साइबर ठगों ने TRAI के नाम पर युवक को फोन किया और दो घंटे में सिम बंद होने की धमकी देते हुए उसे अपने जाल में फंसाया। डराने के लिए उसके खिलाफ मुंबई में केस दर्ज होने की बात भी कही। फिर CBI अधिकारी बनकर ठगों ने 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा।

डिजिटल अरेस्ट कर ठगी

यही नहीं पीड़ित के मोबाइल पर फर्जी अरेस्ट वारंट सहित मनी लांड्रिंग का फर्जी पेपर भेजकर डराया और बैंक भेजकर उनसे दो बार में आरटीजीएस के जरिए 44 लाख रुपये अलग-अलग खाते में ट्रांसफर करा लिए।

पीड़ित को जब ठगी का एहसास हुआ तब साइबर थाने में इसकी शिकायत की। साइबर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पाटलिपुत्र निवासी युवक के पास अंजान नंबर से फोन आया। बोला गया कि आपका मोबाइल नंबर दो घंटे में बंद हो जाएगा, क्योंकि आपके मोबाइल नंबर पर महाराष्ट्र के ईस्ट अंधेरी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है।

अंधेरी पुलिस स्टेशन का कंप्लेन नंबर भी बताया। बोला गया कि अंधेरी में जिस युवक के नाम पर मनी लांड्रिंग का मामना सामने आया है उसने आपके आधार कार्ड के जरिए सिमकार्ड व एटीएम कार्ड लेकर करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन किया है।

इसलिए आपके नाम पर CBI ने अंधेरी पुलिस स्टेशन में केस किया है। इसके बाद ठग ने पीड़ित का नंबर दूसरे ठग के नंबर पर ट्रांसफर कर दिया गया। बोला गया कि उनसे CBI के अधिकारी पूछताछ करेंगे। इसके बाद युवक को डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया।

अरेस्ट वारंट भी भेजा

डराने के लिए वाट्सएप पर अरेस्ट वारंट भेजा गया। इस तरह ठगों ने युवक को अपने जाल में फंसाते हुए 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर निगरानी करते रहे।

पूछताछ के नाम पर उनसे बैंक खाता सहित अन्य जानकारी मांगी गई और बैंक भेजकर उनसे ठगों ने अपने खाते में दो बार में 44 लाख रुपये आरटीजीएस कराया। पीड़ित तीन दिनों तक ठगों के जाल में फंसा रहा। पैसा जमा करने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। फिर साइबर थाने में केस किया।

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर बैंक कर्मी से 27.35 लाख की ठगी

  • पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत कर्मी शेयर मार्केट से जुड़ने के लिए मोबाइल के प्ले स्टोर से ट्रेडिंग से जुड़ने का प्रयास कर रहा था। इसी बीच उसके वाट्सएप पर अंजान नंबर से मैसेज आया।
  • वाट्सएप पर बातचीत के दौरान उसे शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का पाठ पढ़ाया गया और फिर एक लिंक शेयर किया गया। वाट्सएप ग्रुप में पहले से 186 लोग जुड़े थे। ठगों ने उनसे शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर मुनाफा का झांसा देकर 27 लाख 35 हजार रुपये की ठगी कर ली।

टेलीग्राम ग्रुप से ठगी

  • जक्कनपुर निवासी युवक को टेलीग्राम एप से जोड़ते हुए उन्हें टास्क पूरा कर मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगों ने उनसे 1.79 लाख की ठगी कर ली है।

शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगी

  • राजा बाजार निवासी युवक को शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर ठगों ने उनसे 14.26 लाख की ठगी कर ली।

फोन चुराकर ठगी

  • पुनपुन निवासी शिवपाल का मोबाइल मिठापुर के पास कहीं गुम हो गया। अगले दिन उन्होंने नया मोबाइल और नया सिम कार्ड चालू कराया।
  • तब उन्हें पता चला कि मोबाइल चुराने वाले बदमाशों ने उनके फोन पे से 1.79 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए हैं।

ये भी पढ़ें

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को ठगने के ल‍िए साइबर ठगों ने ब‍िछाया जाल, पुल‍िस ने तैयार की ल‍िस्‍ट; जारी क‍िया हेल्‍पलाइन नंबर

Mule Account से साइबर अपराधियों तक पहुंचने की तैयारी में EOU, एक हजार खातों की जांच शुरू