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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Politics: जदयू-भाजपा को एक साथ लगा बड़ा झटका, 3 कद्दावर नेताओं ने थामा लालू का लालटेन

Published: Tue, 02 Sep 2025 05:15 PM (IST)

जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. अभिषेक मिश्रा और भाजपा नेता रामकेवल गुप्ता समेत हरिनंदन ठाकुर ने राजद की ...और पढ़ें

जदयू-भाजपा छोड़ आए राजद में, साहू ने दिलाई सदस्यता
जदयू-भाजपा छोड़ आए राजद में, साहू ने दिलाई सदस्यता

HighLights

  1. जदयू और भाजपा नेताओं ने राजद की सदस्यता ली
  2. तेजस्वी के रोडमैप की रणविजय साहू ने प्रशंसा की
  3. राजद में अन्य दलों से निरंतर हो रही है आवक

राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव डॉ. अभिषेक मिश्रा, भाजपा नेता रामकेवल गुप्ता, हरिनंदन ठाकुर ने मंगलवार को राजद की सदस्यता ग्रहण कर ली। राजद की बिहार इकाई के प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने उन्हें सदस्यता दिलाई।

प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, प्रदेश महासचिव डॉ. प्रेम कुमार गुप्ता मिलन समारोह में उपस्थित रहे। साहू ने कहा कि तेजस्वी यादव द्वारा तैयार किए गए रोडमैप से सकारात्मक राजनीति को बल मिला है।

विकास और नौकरी-रोजगार को मुद्दा बनाकर उन्होंने बिहार से विद्वेष का माहौल समाप्त करने के लिए जो प्रयास किया, उसकी सर्वत्र सराहना हो रही। बिहार में बदलाव की बयार बहने लगी है। इसका एक प्रमाण दूसरे दलों से राजद में निरंतर हो रही आवक है।

वोटर अधिकार यात्रा की सफलता से लोकतंत्र को मिलेगी मजबूती : राजद

गौरतलब है कि एक दिन पहले राजद की बिहार इकाई के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरुण कुमार यादव, प्रमोद कुमार सिन्हा और प्रदेश महासचिव भाई अरुण ने वोटर अधिकार यात्रा को सफल बनाने पर राज्य की जनता को बधाई दी है।

कहा है कि इससे लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाने के संकल्प को दृढ़ता मिलेगी। बिहार से हुई इस शुरुआत से देश स्तर पर भाजपा और एनडीए को चुनाव आयोग के माध्यम से लाभ पहुंचाने वालों की मंशा विफल होगी।

उन्होंने आगे कहा कि बिहार की जनता ने जिस तरह से राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के प्रति विश्वास प्रकट किया है, उससे भाजपा-जदयू सहित एनडीए के खेमे में बेचैनी बढ़ गई। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार जनतांत्रिक मूल्योें और जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं रही है। बिहार अब बदलाव चाहता है। विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की जीत से राज्य में सकारात्मक बदलाव का मार्ग प्रशस्त होगा।

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