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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीएसटी की तरह समान शिक्षा, स्वास्थ्य व न्याय व्यवस्था लागू हो: पप्पू यादव

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Sat, 01 Jul 2017 07:10 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 01 Jul 2017 08:30 PM (GMT+05:30)

सांसद पप्पू यादव ने कहा कि जीएसटी की तरह ही पूरे देश में एक समान शिक्षा प्रणाली, स्वास्थ्य सुविधा और न्याय की व्यवस्था लागू की जाये।

जीएसटी की तरह समान शिक्षा, स्वास्थ्य व न्याय व्यवस्था लागू हो: पप्पू यादव
जीएसटी की तरह समान शिक्षा, स्वास्थ्य व न्याय व्यवस्था लागू हो: पप्पू यादव

पटना [राज्य ब्यूरो]। जीएसटी लागू होने के साथ ही जन अधिकार पार्टी के संरक्षक व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से देश में समान शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जब सरकार टैक्स बराबर ले रही है तो नागरिकों को समान सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय जैसी अहम सुविधाएं और मूलभूत जरूरतों में भेदभाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

सांसद ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल नहीं है। गरीबों के बच्चे पढऩे के लिए स्कूल नहीं जा रहे हैं। दूसरी ओर लाखों रुपये फीस देकर अमीर लोग अपने बच्चों को महंगे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की कीमत आम आदमी को चुकानी पड़ रही है।

 

इसके विपरीत अमीरों के लिए कई महंगे अस्पताल हैं। ऐसा ही हाल न्याय के क्षेत्र में भी है। गरीब आदमी छोटे अपराध के लिए न्याय के लिए भटकता रहता है और वर्षों जेल काटने को बाध्य होता है। इसके बावजूद न्याय की उम्मीद नहीं बंध पाती है।

 

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जबकि, अमीरों के लिए लाखों और करोड़ों के फीस लेने वाले वकील मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी की सार्थकता तभी साबित होगी, जब सबके लिए एक राष्ट्र, एक न्याय, एक स्वास्थ्य उपलब्ध होगा। 

 

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