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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विपक्षी एकता बैठक: 12 जून की मीटि‍ंग का दारोमदार CM नीतीश कुमार पर, कांग्रेस और MK स्‍टालिन ने फंसाया पेंच

By Arun AsheshEdited By: Prateek Jain
Published: Sun, 04 Jun 2023 11:41 PM (IST)

Patna Opposition Unity Meeting मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर हो रही विपक्षी दलों की बैठक की तिथि आगे बढ़ाई ...और पढ़ें

विपक्षी एकता बैठक: 12 जून की मीटि‍ंग का दारोमदार CM नीतीश पर, कांग्रेस और स्‍टालिन ने फंसाया पेंच
विपक्षी एकता बैठक: 12 जून की मीटि‍ंग का दारोमदार CM नीतीश पर, कांग्रेस और स्‍टालिन ने फंसाया पेंच

HighLights

  1. कांग्रेस ने मीटिंग की तारीख और जगह बदलने की रखी मांग
  2. तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री ने भी 12 जून को बताई व्‍यस्‍तता

पटना, राज्य ब्यूरो: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर हो रही विपक्षी दलों की बैठक की तिथि आगे बढ़ाई जाती है तो उसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी शामिल होंगे।

अभी यह बैठक 12 जून को पटना में प्रस्तावित है, जिसमें खरगे, गांधी और स्टालिन के शामिल होने की संभावना नहीं है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने रविवार को यहां दावा किया है कि पार्टी की मंशा से नीतीश कुमार को अवगत करा दिया गया है। उन्हें यह भी बताया गया है कि पार्टी उनकी पहल से उत्साहित है और बैठक में गंभीरता से भाग लेगी।

कांग्रेस ने सुझाई 23 जून की तारीख, जगह बदलने की भी मांग

सूत्रों ने बताया कि बैठक के लिए कांग्रेस की ओर से 23 जून की तिथि सुझाई गई है। कांग्रेस यह भी चाहती है कि विपक्षी दलों की बैठक पटना के बदले शिमला में हो। यह एक के बदले दो या तीन दिन चले, ताकि अधिक से अधिक मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच सर्वानुमति बने।

कांग्रेस इसे सामान्य बैठक के बदले चिंतन शिविर का रूप देना चाहती है। इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बैठक की तिथि बदलने का आग्रह किया था। तमिलनाडू सरकार डीएमके के संस्थापक स्व. एम करुणानिधि की शतवार्षिकी पर साल भर के लिए समारोह का आयोजन कर रही है।

12 जून को स्‍टालिन राज्‍य के कार्यक्रम में रहेंगे व्‍यस्‍त

12 जून को इसी से संबंधित एक बड़े समारोह में स्टालिन को अपने राज्य में ही रहना है। सूत्रों ने बताया कि बैठक की तिथि बदलने या यथावत रखने की जवाबदेही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है। अगर 12 को ही बैठक होती है तो उसमें कांग्रेस की ओर से खरगे या गांधी के बदले कोई राष्ट्रीय महासचिव शामिल होंगे।

स्टालिन ने अपने प्रतिनिधि को नामित किया है। बैठक में कांग्रेस की गंभीर भागीदारी इसलिए भी अपेक्षित है, क्योंकि क्षेत्रीय दलों के बीच जिन मुद्दों पर मतभेद हो सकता है, वे सब कांग्रेस से ही जुड़े हैं।