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    एसके मेमोरियल हॉल में मनाई गई सुशील कुमार मोदी की जयंती, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन

    By birender vishwakramaEdited By: Radha Krishna
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 12:11 PM (IST)

    पटना के एसके मेमोरियल हॉल में स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर ...और पढ़ें

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    एसके मेमोरियल हॉल में मनाई गई सुशील कुमार मोदी की जयंती

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी पटना के एसके मेमोरियल हॉल में स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी की जयंती समारोह श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुशील मोदी की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। समारोह में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और उनके समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सुशील मोदी के योगदान को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला गया।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सुशील कुमार मोदी बिहार की राजनीति का एक मजबूत स्तंभ थे। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और जनसेवा को प्राथमिकता दी।

    बिहार के विकास और सुशासन की नींव मजबूत करने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सुशील मोदी का जीवन युवाओं और राजनीति में आने वाले लोगों के लिए प्रेरणा है।

    कौन थे सुशील कुमार मोदी

    सुशील कुमार मोदी बिहार की राजनीति का जाना-पहचाना नाम थे। वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित राजनेता रहे।

    उनका जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले सुशील मोदी ने जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। यहीं से उनकी पहचान एक जुझारू और सिद्धांतों पर चलने वाले नेता के रूप में बनी।

    सुशील मोदी बिहार सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के पद पर भी रहे। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने, पारदर्शी बजट व्यवस्था लागू करने और विकास योजनाओं को गति देने में अहम भूमिका निभाई।

    वस्तु एवं सेवा कर (GST) को लागू करने में भी उनकी राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके लिए उन्हें देशभर में सम्मान मिला।

    वे राज्यसभा सांसद भी रहे और संसद में बिहार के मुद्दों को मजबूती से उठाया। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी सख्त छवि रही और वे सार्वजनिक जीवन में सादगी व स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते थे।

    सामाजिक न्याय, आर्थिक सुधार और सुशासन उनके राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रहे।

    जयंती समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सुशील कुमार मोदी भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनके द्वारा किए गए कार्य और बिहार के लिए उनका समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।