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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Election: क्या महागठबंधन में पड़ गई दरार? मुकेश सहनी के बागी तेवर, मनाने की कोशिश जारी

By SUNIL RAAJEdited By: Piyush Pandey
Published: Thu, 16 Oct 2025 12:29 PM (IST)

बिहार महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के रुख से मुकेश सहनी परेशान हैं। 60 सीटों और उपमुख्यमंत्री ...और पढ़ें

क्या नाराज चल रहे हैं मुकेश सहनी। (जागरण)

क्या नाराज चल रहे हैं मुकेश सहनी। (जागरण)

HighLights

  1. सहनी के बागी तेवर से महागठबंधन में हलचल

  2. तेजस्वी यादव का सहनी को मनाने का प्रयास

  3. कांग्रेस के रुख से सीटों का बंटवारा अटका

राज्य ब्यूरो, पटना। महागठबंधन में सीटों का बंटवारा करीब-करीब तय हो चुका है। लेकिन कांग्रेस ने कई सीटों पर अब तक मामला फंसा कर रखा है।

कांग्रेस की रणनीति के फेर में विकासशील इंसान पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी भी फंसे हुए हैं। लगातार 60 सीट और उप मुख्यमंत्री की पद की मांग उठाते रहे हैं। परंतु अब जबकि नामांकन का एक दिन बचने के बाद भी अपनी स्थिति साफ न होते देख सहनी ने बागी तेवर अपना लिए हैं। जिसके बाद उन्हें मनाने का सिलसिला शुरू हो गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन कार्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तेजस्वी यादव मुकेश सहनी को लगातार बढ़ावा देते रहे हैं। लेकिन सीटों पर मामला फंसने के बाद तेजस्वी ने बीच का रास्ता निकाला और सहनी को 18 सीटें देने की बात सामने आई।

सूत्र बताते हैं कि 18 में 10 सीटें राजद के कोटे से जबकि आठ सीटें कांग्रेस के कोटे से देने की बात हो रही थी। बावजूद सहनी को कोई स्पष्ट संदेश नहीं मिल रहा था कि उनके प्रत्याशियों का कब से सिंबल दिया जाना है और कब से प्रत्याशी नामांकन करेंगे।

लगातार इंतजार के बाद आखिरकार सहनी ने गुरुवार को आनन-फानन में पटना में एक प्रेस कांफ्रेंस बुला ली। सहनी के मात्र प्रेस कांफ्रेंस बुलाने से महागठबंधन खेमे में हड़कंप मच गई।

सूत्रों की माने तो कांग्रेस के एक बड़े नेता का फोन सहनी को आया और उनसे कुछ घंटों की मोहलत मांगी गई। जिसके बाद सहनी ने 12 बजे से बुलाई गई अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय बढ़ाकर चार बजे कर दिया है।

सूत्रों की माने तो सहनी को मनाने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह होगा कि सहनी का निर्णय क्या होता है और अंतिम समय में उनकी झोली में क्या और कितना गिरने वाला है।

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