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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लालू का अजब-गजब नीतीश प्रेम: JDU नेता को बना दिया RJD का राष्ट्रीय सचिव, मचा बवाल

By Kajal KumariEdited By:
Published: Fri, 06 Mar 2020 10:27 AM (IST)Updated: Sat, 07 Mar 2020 08:50 AM (IST)

बिहार की राजनीति में अजब-गजब वाकया गुरुवार को देखने को मिला है। लालू की राजद पार्टी ने जदयू नेता कुमकुम ...और पढ़ें

लालू का अजब-गजब नीतीश प्रेम: JDU नेता को बना दिया RJD का राष्ट्रीय सचिव, मचा बवाल
लालू का अजब-गजब नीतीश प्रेम: JDU नेता को बना दिया RJD का राष्ट्रीय सचिव, मचा बवाल

पटना [अरविंद शर्मा]। इसे राजद का जदयू प्रेम माना जाए या शीर्ष स्तर की गलती? लालू प्रसाद की पार्टी राजद ने जदयू की अहम सदस्य एवं वरिष्ठ नेता प्रोफेसर  कुमकुम राय को राष्ट्रीय टीम में ऊंचा ओहदा दिया है। राजद ने कुमकुम को अपनी नेशनल टीम में राष्ट्रीय सचिव बनाया है। हैरत तो यह कि राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव एस. एम. कमर आलम ने गुरुवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मीडिया को कुमकुम राय के मनोनयन के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि लालू प्रसाद से अनुमति लेने के बाद ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की जा रही है। किंतु कुमकुम ने देर रात राजद के दावे को खारिज करते हुए खुद को जदयू के साथ बताया।

जदयू ने की राजद की खिंचाई, मांगा जवाब

पूर्व राज्यसभा सांसद व जदयू नेता कुमकुम राय को राजद का राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने के बाद जदयू ने राजद से इस मामले में जवाब मांगा है। जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा है कि वैसे तो राजद अपने राजनैतिक संगठन में भी जंगलराज कायम करने पर उतर आया है । इसके साथ ही राजद की कार्यकारिणी में भी बड़ी जालसाजी हुई है। जदयू नेता का राजद का राष्ट्रीय सचिव बनाया जाना इसका जीता-जागता उदाहरण है। 

कुमकुम राय ने कहा-मैं तो लालू के नहीं, नीतीश के साथ हूं

कुमकुम राय ने  दैनिक जागरण से खास बातचीत में कहा कि वह लालू प्रसाद के साथ नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के साथ हैं। पता नहीं कैसे उन्हें राजद में पदाधिकारी बना दिया गया है। कुमकुम का कहना है कि उन्होंने 19 अगस्त 2019 को ही राजद छोड़कर जदयू की सदस्यता ले ली थी। अब मेरी पूरी आस्था मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ है। 

लालू की नई टीम में कुमकुम के शामिल होने से राजद की सक्रियता और सजगता पर सवाल उठना लाजिमी है। आखिर जिस कुमकुम ने सात महीने पहले पाला बदलकर राजद को अलविदा कह दिया उन्हें किस आधार पर राजद की शीर्ष टीम में पदाधिकारी बना दिया गया। यहां तक कि सूचना देने पर भी भूल सुधार की कोशिश नहीं की गई। उल्टे दावा किया गया कि कुमकुम का राजद के साथ पुराना रिश्ता है। 

इन्होंने किया खारिज

19 अगस्त 2019 को पटना के जदयू कार्यालय में आरसीपी सिंह ने उन्हें जदयू की सदस्यता दिलाई थी। अगले दिन के अखबारों में मेरी तस्वीर के साथ यह खबर भी छपी भी थी। पता नहीं, कैसे राजद ने मुझे राष्ट्रीय सचिव बना दिया है। ओहदा देने के पहले किसी ने मुझसे बात भी नहीं की है। 

-प्रो. कुमकुम राय, जदयू सदस्य 

इन्होंने किया दावा 

प्रो. कुमकुम पिछली कमेटी में भी राजद की राष्ट्रीय सचिव थीं और मेरी जानकारी में वह अभी भी राजद में ही हैं। राजद से वह राज्यसभा की सदस्य भी रह चुकी हैं। मेरी जानकारी गलत नहीं है। 

-कमर आलम, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजद