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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Land Acquisition: बिहार में रैयतों के लिए खुशखबरी, भूमि अधिग्रहण मुआवजा पाने के नियमों में किया गया बदलाव

Published: Sun, 07 Sep 2025 07:45 PM (IST)

राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण का मुआवजा अब बाजार मूल्य के आधार पर दिया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई प्रतीकात्मक तस्वीर। (जागरण)
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई प्रतीकात्मक तस्वीर। (जागरण)

HighLights

  1. भूमि अधिग्रहण मुआवजा अब बाजार मूल्य पर |
  2. राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण फैसला |
  3. खतियान के आधार पर भुगतान पर विवाद |

राज्य ब्यूरो, पटना। राष्ट्रीय उच्च पथ के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का भुगतान अब बाजार मूल्य के आधार पर होगा।

अब तक इसके लिए खतियान में दर्ज जमीन की किस्म को आधार बनाया जाता था। इस संदर्भ में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने रविवार को सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को पत्र भेजा है।

उन्होंने कहा कि भूमि का वर्गीकरण खतियान में दर्ज किस्म के आधार पर किया जाता रहा है। लगभग 100 वर्ष पुराने खतियान में दर्ज भूमि किस्म एवं भूमि की वर्तमान उपयोगिता में भारी अंतर के कारण रैयतों की आपत्ति और राष्ट्रीय उच्च पथ प्राधिकरण के साथ विवाद उत्पन्न होते रहे हैं।

इस संदर्भ में महाधिवक्ता की राय ली गई। उन्होंने एनएच एक्ट, 1956 की धारा 3जी तथा भू-अर्जन अधिनियम, 2013 की धारा 26 से 30 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मुआवजे की दर तय करने में खतियान पर निर्भरता उचित नहीं है।

भूमि का वास्तविक बाजार मूल्य ही आधार होना चाहिए। निबंधन विभाग से पूर्व में ही नए सिरे से जमीन के न्यूनतम मूल्य का आग्रह किया गया है।

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