पटना [अरविंद शर्मा]। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में हफ्ते भर से जारी विवाद पर विराम लगता नहीं दिख रहा है। लालू खुद जेल में हैं और राबड़ी देवी ने चुप्पी साध रखी है। करीब छह महीने पहले शाही अंदाज में ब्याह कर लाई गई अपनी पत्नी ऐश्वर्या से मुक्ति की इच्छा लेकर तेज प्रताप तीर्थों में भटक रहे हैं। तेजस्वी पार्टी के काम में व्यस्त हैं। बहन मीसा भारती सामने आने से बच रहीं हैं। फिर कौन लगाएगा लालू परिवार में विवादों पर विराम? फिलहाल यही सवाल बड़ा है।
विरोधियों को लालू परिवार में टूट का इंतजार
राजद के विरोधी दलों को लालू परिवार में टूट का इंतजार है। करीब एक सप्‍ताह से सब तमाशा देख रहे हैं। कार्यकर्ता जान रहे हैं कि तेजस्वी ने राजद की कमान बखूबी संभाल रखी है, लेकिन यह भी जानना चाह रहे हैं कि लालू की अनुपस्थिति में परिवार को संभालने की जिम्मेवारी किसकी होनी चाहिए?
तेज प्रताप घर के बड़े बेटे हैं। विधायक हैं। पूर्व मंत्री हैं। पत्नी से अलग होने के लिए अगर वह बेताब हैं तो उन्हें समझाए कौन? सही रास्ता बताए कौन? तेज की जिद, प्रतिक्रिया और परिवार से अपेक्षा संकेत करती है कि समझाने से ज्यादा उन्हें 'समझने' की जरूरत है कि आखिर वह क्या चाहते हैं और क्यों चाहते हैं?
लालू ही निकाल सकते हैं रास्ता
रांची में बहन रागिनी और जीजा राहुल यादव के साथ तेजस्वी ने शनिवार को लालू से मिलकर उम्मीदें जगाई हैं। सियासी दावपेंच के दिग्गज पिता ने पुत्र को जरूर कुछ मंत्र दिया होगा। तेजप्रताप की घर वापसी का रास्ता बताया होगा। परिवार वाले अमल करेंगे तो अगले एक-दो दिनों में निदान की ओर बढ़ा जा सकता है।
बेटे के गायब होने के दिन से ही लालू का कोई संदेश बाहर नहीं आया था। तेजस्वी के जन्मदिन पर परिजनों को इंतजार था, जो शाम होते-होते निराशा में बदल गया।
तलाक ही सबसे बड़ा तूफान नहीं
तेज प्रताप के अभी तक के इशारे बता रहे हैं कि ऐश्वर्या राय से तलाक लेने की अर्जी ही आवास में तूफान की प्रमुख वजह नहीं है। उससे अलग भी कुछ है। मथुरा में शुक्रवार को मीडिया के सामने प्रकट होकर तेज प्रताप ने अपनी अतिरिक्त अपेक्षाओं से अवगत कराया है। परिवार के मुखिया और राजद के नए नेतृत्व को सावधान किया है कि घर में कुछ 'दुर्योधनों' का कब्जा है। पहले भी इसके बारे में कई बार खुलकर इजहार कर चुके हैं। जाहिर है, घर के पर्दे में बातें सुलझा ली जाती तो तेजप्रताप को बाहर में 'शंख' बजाने की जरूरत नहीं पड़ती।
कहां हैं चंद्रिका राय?
परिवार और ससुराल के 'लोचे' को सुलझाने में तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय की भूमिका अहम हो सकती है। पहले दिन की हलचल के बाद उनकी पहल दिख नहीं रही है। ऐश्वर्या अपने पति के आवास में हैं। बेटे के घर छोड़कर जाने से राबड़ी देवी दुखी हैं। उन्होंने मुश्किल घड़ी में पति, परिवार और पार्टी को संभाला है। राजद के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इस बार कोई ऐसी मुसीबत नहीं जो राबड़ी की पहल से सुलझ न सके। राबड़ी, चंद्रिका और करीबी रिश्तेदारों की ओर से पहल हो तो मामला सुलझ सकता है।

Posted By: Kajal Kumari