Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    KK Pathak: क्या कल टूट जाएगी केके पाठक की ये 'परंपरा'? इस IAS अधिकारी पर पूरे बिहार की नजर

    क्या कल टूट जाएगी केके पाठक की ये परंपरा? इस IAS अधिकारी पर पूरे बिहार की नजर टिकी हुई है। दरअसल राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबित वेतन व पेंशन समेत अन्य संकट का समाधान शीघ्र होने की उम्मीद है। राज्यपाल ने इस संबंध में बैठक बुलाई है। अब देखने वाली बात यह है कि आईएएस अधिकारी एस सिद्धार्थ इस बैठक में शामिल होंगे या नहीं।

    By Dina Nath Sahani Edited By: Mukul Kumar Updated: Tue, 11 Jun 2024 07:03 PM (IST)
    Hero Image
    क्या कल टूट जाएगी केके पाठक की ये 'परंपरा'?

    राज्य ब्यूरो, पटना। KK Pathak राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबित वेतन व पेंशन समेत अन्य वित्तीय संकट का समाधान शीघ्र होने की उम्मीद है। इसके लिए राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर बुधवार को राजभवन में सभी कुलपतियों के साथ बैठक करेंगे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इसमें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ.एस. सिद्धार्थ, सचिव बैद्यनाथ यादव तथा उच्च शिक्षा निदेशक रेखा कुमारी बुलाये गए हैं। यह तय माना जा रहा है कि विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ.एस. सिद्धार्थ बैठक में शामिल होंगे।

    बैठक में केके पाठक नहीं हुए थे शामिल

    शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद से केकेे पाठक के लंबे अवकाश पर जाने के बाद राजभवन व कुलाधिपति कार्यालय ने पहली बार कुलपतियों की बैठक बुलायी है।

    इसके पहले केके पाठक के अपर मुख्य सचिव के कार्यकाल में कुलाधिपति कार्यालय में बुलायी गई बैठक में के अपर मुख्य सचिव केके पाठक बुलाये गए थे, लेकिन पाठक नहीं गए थे। अब देखने वाली ये होगी कि एस. सिद्धार्थ इस मीटिंग में शामिल होते हैं या नहीं।

    डॉ.एस. सिद्धार्थ

    शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक डॉ.एस. सिद्धार्थ राजभवन में आयोजित बैठक में शामिल होने जाएंगे, ताकि विश्वविद्यालयों में व्याप्त वित्तीय संकट का समाधान का रास्ता निकल सके। बैठक में विश्वविद्यालयों के सभी कुलपति, वित्तीय परामर्शी, कुलसचिव एवं वित्त पदाधिकारी शामिल होंगे।

    बैठक का मुख्य एजेंडा

    Bihar Education News राजभवन में होने वाले बैठक का एजेंडा तय कर दिया गया है। इसमें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की वित्तीय स्थिति (आंतरिक स्त्रोत की राशि प्रबंधन सहित), वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रस्तावित बजट की राशि विमुक्ति पर विचार-विमर्श, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के पीएल खाते, बैंक खाते एवं फिक्स्ड डिपोजिट के रूप में उपलब्ध राशि की जानकारी के लिए दिए गए प्रपत्र पर चर्चा, वित्तीय वर्ष 2024-25 के पूर्व के वित्तीय वर्षों 2022-23 एवं 2023-24 में विमुक्त राशि का शेष पैसे तथा सीएजी के अंकेक्षण प्रतिवेदन के अनुपालन पर विचार-विमर्श शामिल है।

    यह भी पढ़ें-

    Bihar Crime News : आराम फरमा रहे थे अधिकारी, RAF कस्टडी से भाग निकला हत्यारोपी जवान; SP ने थानाध्यक्ष को किया सस्पेंड

    Jitan Ram Manjhi : 'जब लिफाफा खोला तो...', MSME विभाग मिलने पर क्या बोले मांझी? पीएम मोदी से ये हुई थी बात