Jitan Ram Manjhi: हार का सिलसिला तोड़ने उतरेंगे जीतनराम मांझी, कुमार सर्वजीत से होगा मुकाबला; कल करेंगे नामांकन
जीतन राम मांझी हार का सिलसिला तोड़ने के लिए उतरेंगे। वे कल नामांकन भरेंगे। हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने उम्मीद जताई है कि इस बार हार का सिलसिला खत्म होगा और मांझी अच्छे अंतर से चुनाव जीतेंगे। लगभग पांच दशकों के राजनीतिक सफर में जीतनराम मांझी मंत्री से मुख्यमंत्री तक कई अहम पदों पर रहें मगर कभी संसद सदस्य नहीं बन सके।
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी इस बार लोकसभा चुनाव में हार का सिलसिला तोड़ने उतरेंगे। मांझी गुरुवार को गया लोकसभा सीट से नामांकन करेंगे। गया में पहले चरण में 19 अप्रैल को मतदान है, जिसके लिए 28 मार्च नामांकन की अंतिम तारीख है।
हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने उम्मीद जताई है कि इस बार हार का सिलसिला खत्म होगा और मांझी अच्छे अंतर से चुनाव जीतेंगे। लगभग पांच दशकों के राजनीतिक सफर में जीतनराम मांझी मंत्री से मुख्यमंत्री तक कई अहम पदों पर रहें मगर कभी संसद सदस्य नहीं बन सके।
कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा
पहली बार जीतनराम मांझी ने 1991 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर गया से चुनाव लड़ा था जो हार गए थे। इसके बाद मांझी विधानसभा चुनाव ही लड़ते और जीतते रहे। लंबे अंतराल के बाद मांझी ने 2014 में जदयू के टिकट पर दूसरी बार लोकसभा का चुनाव लड़ा।
यह वही लोकसभा चुनाव था जब नरेन्द्र मोदी को भाजपा उम्मीदवार बनाए जाने से नाराज होकर जदयू ने राजग से गठबंधन तोड़ दिया था। भाजपा और राजद दोनों से ही अलग जदयू ने अपने उम्मीदवार चुनाव में उतारे थे। मोदी लहर में नतीजा यह हुआ कि मांझी को तीसरा स्थान नसीब हुआ।
कुमार सर्वजीत से होगा मुकाबला
जीतन राम मांझी ने पिछली बार 2019 में महागठबंधन के प्रत्याशी के रूप में अपने दल हम के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में राजग प्रत्याशी जदयू के विजय मांझी ने करीब डेढ़ लाख मतों से जीतन राम मांझी को हराया था। इस बार मांझी पहली बार राजग उम्मीदवार के रूप में हम से लड़ेंगे। उनके विरुद्ध गया सीट से राजद नेता एवं पूर्व मंत्री कुमार सर्वजीत महागठबंधन उम्मीदवार बनाए गए हैं।
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