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    Patna News: टेंडर घोटाले में 8 अफसरों के यहां छापा; 3 करोड़ रुपये जब्त

    Updated: Thu, 27 Mar 2025 10:16 AM (IST)

    बिहार में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार की सुबह-सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया हैं प्रवर्तन निदेशालय ने आइएएस संजीव हंस से जुड़े टेंडर घोटाले के मामले में भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर तारिणी दास के पटना के ठिकानों पर छापा मारा है।ऐसी सूचना मिल रही है कि छापामारी फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेन्दु नगर के दास के ठिकानों पर की गई है।

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    आइएएस संजीव हंस से जुड़े मामले में पटना में छापामारी

    राज्य ब्यूरो, पटना। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार की सुबह-सुबह टेंडर घोटाले से जुड़े एक मामले में भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता तारिणी दास के साथ ही पुल निर्माण, बिहार शहरी विकास आधारभूत संरचना निगम के इंजीनियर और बिहार प्रशासनिक सेवा (बिप्रसे) के कुछ अधिकारियों के ठिकानों समेत कुल आठ स्थानों पर एकसाथ छापेमारी की।

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    समाचार लिखे जाने तक ईडी ने अपनी जांच में तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की है। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण के साथ ही जमीन में निवेश के कागजात भी बरामद हुए हैं।

    छापेमारी जारी है। हालांकि, इस संबंध में ईडी आधिकारिक तौर पर कुछ भी बोलने से बच रही है। यह भी चर्चा है कि ईडी की यह कार्रवाई दो अलग-अलग मामलों में हुई है।

    ईडी को खुफिया रूप से मिली थी गड़बड़ी की सूचना

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय को खुफिया जानकारी प्राप्त हुई थी कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग में टेंडर मामले में बड़ी गड़बड़ हो रही है।

    टेंडर से जुड़े मामलों को निपटाने और किसी विशेष के पक्ष में करने के लिए मोटी रकम का लेनदेन हो रहा है। सूचना मिलने के बाद ईडी ने सूचना की सत्यता की जांच कराई।

    पुष्टि होने के बाद ईडी ने सबसे पहले मनी लांड्रिंग मामले में मुकदमा दर्ज किया और इसके बाद गुरुवार की सुबह-सुबह फुलवारी शरीफ के पूर्णेन्दु नगर स्थित भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (उत्तर) तारिणी दास के यहां छापा मारा। ईडी की टीम सुबह साढ़े छह बजे के करीब ही दास के आवास पर पहुंच गई थी।

    यहां टेंडर से जुड़े कुछ दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, विभिन्न बैंकों के पासबुक, जमीन में निवेश के दस्तावेज भी बरामद किए गए। इसी क्रम में ईडी की टीम ने अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए दूसरे कई विभागों के इंजीनियर और बिहार प्रशासनिक सेवा से जुड़े अधिकारियों के यहां भी छापा मारा।

    छापेमारी के दौरान समाचार लिखे जाने तक तीन करोड़ से अधिक नकद मिलने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में नकद मिलने के बाद प्रवर्तन निदेशालय को नोट गिनने की मशीनें मंगवानी पड़ी। फिलहाल जांच जारी है। जारी जांच के बीच निदेशालय के अधिकारी मीडिया से बात करने से बच रहे हैं।

    उनका दावा है कि बड़ा मामला है जांच पूरी हुए बगैर कुछ भी बोलना संभव नहीं है। चर्चा यह भी है कि संजीव हंस मामले की जांच के क्रम में ही ईडी को भवन निर्माण, नगर विकास एवं आवास विभाग, बुडको में टेंडर घोटाले में गड़बड़ी के प्रमाण मिले थे।

    हालांकि, इसमें कितनी सत्यता है इसकी पुष्टि प्रवर्तन निदेशालय की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर हो सकेगी।

    अक्टूबर में सेवानिवृत्ति के बाद तारिणी दास का दोबारा हुआ संविदा पर नियोजन

    भवन निर्माण विभाग में मुख्य अभियंता (उत्तर) तारिणी दास पिछले वर्ष 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के कुछ दिनों के बाद ही संविदा पर उन्हें नियोजित कर लिया गया था।

    नियोजित करने के बाद उन्हें मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त पद दिया गया। भवन निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार दास का नियोजन दो वर्ष के लिए किया गया था।

    जिसकी अधिसूचना 29 नवंबर, 2024 को जारी की गई थी। नियोजन के प्रस्ताव को 19 नवंबर को राज्य मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी थी।

    जिसके बाद उन्हें मुख्य अभियंता (उत्तर) के पद पर नियोजित तो किया ही गया, साथ ही भवन निर्माण निगम के मुख्य महाप्रबंधक का अतिरिक्त पद दिया गया। 11 दिसंबर, 2024 को संयुक्त सचिव रमेंद्र कुमार के हस्ताक्षर से यह अधिसूचना जारी की गई थी।

    डिस्क्लेमर: इस खबर को हमारे रिपोर्टर द्वारा प्राप्त सूचना के आधार पर कई बार अपडेट किया गया है। अत: संभव है कि खबर में उल्लेखित कुछ नाम तथा स्थानों के नाम में आंशिक अथवा पूरी तरह से बदलाव भी हुए हों। अत: यह समाचार तथ्यों के साथ कई बार अपडेट किया जा चुका है। जागरण अपने पाठकों को तथ्यात्मक समाचार देने के लिए प्रतिबद्ध है।