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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिपाही भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड मिलने के मामले में सुपौल से वन विभाग का दारोगा गिरफ्तार

Published: Thu, 15 Aug 2024 07:18 PM (GMT+05:30)

स्वतंत्रता दिवस से पूर्व राजधानी में होटल की चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान फ्रेजर रोड स्थित होटल मगध ...और पढ़ें

सुपौल से वन विभाग का दारोगा गिरफ्तार (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सुपौल से वन विभाग का दारोगा गिरफ्तार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जागरण संवाददाता, पटना। होटल से सिपाही भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड समेत अन्य आपत्तिजनक सामान के साथ हिरासत में लिए गए तीन संदिग्धों के बयान के आधार पर सुपौल जिले से वन विभाग का दारोगा विजय रजक को गिरफ्तार किया गया है। गुरुवार की सुबह आरोपी दारोगा को सुपौल के कजरैया स्थित घर से पकड़ा गया।

सुपौल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पटना के कोतवाली थाना की पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, अब तक कोतवाली पुलिस ने दारोगा की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।

डीएसपी विधि व्यवस्था कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि वन दारोगा को हिरासत में लिया गया है। उसे पटना लाया जा रहा है। विस्तृत पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बुधवार को होटल से हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ जारी है।

बता दें कि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व राजधानी में होटल की चेकिंग की जा रही थी। इस दौरान फ्रेजर रोड स्थित होटल मगध के कमरा नंबर 22 से अररिया के नरपतगंज थाना अंतर्गत फतेहपुर के रामाशीष कुमार एवं प्रेम प्रकाश और नालंदा जिले के हिलसा निवासी चंदन कुमार को पकड़ा गया था।

8 एडमिट कार्ड बरामद हुए थे

उनके पास से पूर्णिया, अररिया, किशनगंज समेत अन्य शहरों के सिपाही भर्ती परीक्षा में 7 एवं 11 अगस्त को शामिल हुए अभ्यर्थियों के आठ एडमिट कार्ड मिले थे।

एडमिट कार्ड के पीछे ओएमआर शीट का नंबर भी लिखा था। इसके अलावा ब्लैंक चेक, पासबुक, स्टांप पेपर और एक कॉपी मिली थी, जिसमें अभ्यर्थियों का विवरण लिखा था। जिन अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड मिले थे, उनमें से कुछ के शैक्षणिक प्रमाण पत्र भी पाए गए। पूछताछ में रामाशीष ने वन दारोगा विजय रजक का नाम लिया और बताया था कि दारोगा ने सात लाख रुपये में सिपाही बनाने का दावा किया था। वह एजेंट की भूमिका में था।

वहीं, प्रेम प्रकाश ने बताया कि उसे पटना में डॉक्टर के यहां से कैंसर की दवा लेनी थी। उसके पास से 27,000 रुपए मूल्य की दवा भी बरामद हुई। प्रेम प्रकाश ने बताया कि कुछ महीने पहले गांधी मैदान में एक राजनीतिक दल की रैली के दौरान उसकी मुलाकात चंदन से हुई थी।

चंदन ने उसे डॉक्टर के बारे में बताया था, इसलिए यहां आने पर उसने चंदन को जानकारी दी। इसके बाद चंदन यहां पहुंचा और दोनों डॉक्टर के पास से दवा लेकर आए ही थे कि पुलिस ने धावा बोल दिया। पुलिस चंदन और प्रेम प्रकाश की भूमिका की बाबत छानबीन कर रही है।

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