सर्विस बुक गठन पर राजस्व विभाग सख्त, रिपोर्ट नहीं मिलने पर अधिकारियों को दी चेतावनी; जल्दी करें वरना...
बिहार राजस्व के अधिकारियों की सर्विस बुक गठन को लेकर दिखती लापरवाही पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त है। ऐसे में इन पदाधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि जल्द से जल्द प्रतिवेदन जमा करें नहीं तो एक्शन लिया जा सकता है। दरअसल विभाग की ओर से कई बार पदाधिकारियों को पत्र लिखा गया था। इसके बाद भी प्रतिवेदन नहीं आए थे।

राज्य ब्यूरो, पटना। फाइल पर डटकर बैठ जाने की प्रवृति के शिकार स्वयं सरकारी अधिकारी भी हो रहे हैं। एक मामला बिहार राजस्व के अधीन कार्यरत राजस्व अधिकारी, अंचलाधिकारी एवं समकक्ष पदों के अधिकारियों की सेवा पुस्त(सर्विस बुक) गठन एवं संधारण का है। यह जिला स्तर पर किया जाता है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस काम के लिए इस साल 25 अगस्त को एक पत्र जिलाधिकारियों को लिखा। याद दिलाने के लिए दूसरा पत्र 21 सितंबर को लिखा। जवाब नहीं आया तो तीसरा पत्र चार अक्टूबर को लिखा गया है। इसमें 15 दिनों का समय दिया गया है।
जिलों में तैनात अपर समाहर्ताओं को कहा गया है कि 25 अक्टूबर को जब वे राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में इस आदेश का अनुपालन प्रतिवेदन लेकर आएं।
राजस्व विभाग ने दी अधिकारियों को दी चेतावनी
पत्र में कहा गया है- कुछ जिलों से ही प्रतिवेदन प्राप्त हुए हैं। यह स्थिति उचित नहीं है। विभाग ने इस तरह की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया है, जिसके मुताबिक कुछ अधिकारी भी सर्विस बुक के गठन में रूचि नहीं ले रहे हैं। इसे गंभीर माना गया है और ऐसे अधिकारियों को चेतावनी भी दी गई है।
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पत्र के अनुसार, अब राजस्व सेवा के अधिकारियों का सैलरी स्लिप भी वित्त विभाग की ओर से जारी किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। यह निर्णय लागू हुआ तो बिना सर्विस बुक वाले अधिकारियों का वेतन बंद हो जाएगा।
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