सीपीआई की रैली में बोले डी राजा- सांप्रदायिकता, संपदा लूट और निजीकरण के खिलाफ होगी 2024 की लड़ाई
राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने गुरुवार को राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल मैदान में ‘भाजपा हटाओ देश बचाओ’ रैली में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबों का काम नहीं हो रहा है। दलित आदिवासी और पिछड़ी जातियों की अनदेखी हो रही है। केंद्र में भाजपा सरकार को हटाकर 2024 में जनपक्षीय सरकार बनानी है इसलिए विपक्षी एकजुटता जरूरी है।

जागरण संवाददाता, पटना। राष्ट्रीय महासचिव डी राजा ने गुरुवार को राजधानी पटना के मिलर हाई स्कूल, मैदान में ‘भाजपा हटाओ, देश बचाओ’ रैली में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के कार्यकाल में गरीबों का काम नहीं हो रहा है। दलित, आदिवासी और पिछड़ी जातियों की अनदेखी हो रही है।
केंद्र में भाजपा सरकार को हटाकर 2024 में जनपक्षीय सरकार बनानी है, इसलिए विपक्षी एकजुटता जरूरी है। विपक्षी एकजुटता की शुरुआत बिहार से हुई है। बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कराकर अच्छा कार्य किया है। यह पूरे देश में होना चाहिए।
पांच साल बाद भाकपा की रैली
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की इस तरह की रैली राज्य में करीब पांच साल के बाद हुई। 25 अक्टूबर 2018 को पटना के गांधी मैदान में हुई रैली में एक मंच पर सभी वाम दल, राजद व कांग्रेस के नेतागण थे। इस बार जदयू की भी सहभागिता रही।
गुरुवार को हुई रैली में सांप्रदायिकता, राष्ट्रीय संपदा की लूट व निजीकरण के खिलाफ और देश की आजादी को कायम रखने के लिए संघर्ष का प्रस्ताव पारित किया गया।
भाकपा सहित जदयू, राजद, कांग्रेस, माकपा और भाकपा माले के नेताओं ने भी रैली में भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटाने के लिए संघर्ष का आह्वान किया। केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्ताव एम जब्बार आलम ने पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया।
रैली की अध्यक्षता भाकपा के राज्य सचिव रामनरेश पांडेय व संचालन पूर्व विधायक अवधेश कुमार राय ने किया। रैली को हसरत मोहानी, राष्ट्रीय सचिव रामकृष्ण पांडा आदि ने संबोधित किया।
जनता तय करे, कलम चाहिए या तलवार
मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य में जब से हमारी सरकार बनी और हमलोग नियुक्ति पत्र बांटने लगे तो केंद्र की सरकार ने भी देखा-देखी यह शुरू किया। हमारी सरकार बनी, तो एक काम तो हुआ है, जो अबतक हिंदू-मुस्लिम की बात करते थे, आज वह भी रोजगार की लड़ाई कर रहे हैं। हम लोग नौकरी और कलम बांट रहे हैं, तो भाजपा तलवार बांट रही है। जनता को तय करना है कि कलम चाहिए या तलवार। बिहार में फिर से ईडी, सीबीआइ और इनकम टैक्स की टीम आएगी। इससे हमलोग डरने वाले नहीं है।
बिहार ने करवट बदली है, अब देश बदलेगा
भाकपा माले की पोलित ब्यूरो सदस्य मीणा तिवारी ने कहा कि हमें हत्यारों का विश्वगुरु नहीं बनना है। देश की 60 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी है। लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए जनता को एक बड़ी लड़ाई लड़नी होगी। माकपा के राज्य सचिव ललन कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार ने करवट बदली है, अब देश करवट बदलेगा।
मोदी सरकार ने बैंक और जीवन बीमा कंपनी का निजीकरण किया है। किसानों मजदूरों की स्थिति ठीक नहीं है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र में आस्था रखने वाले राजनीतिक दलों ने एक साथ मिलकर संविधान विरोधी भाजपा को केंद्र की सत्ता से अपदस्थ करने का संकल्प लिया है। कांग्रेस का प्रतिनिधित्व पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक ने किया। उन्होंने कहा कि भाजपा दमनकारी और विभाजनकारी पार्टी है।
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