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    MNREGA में बदलाव के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल: बिहार में 47 दिनों तक चलेगा आंदोलन; विधानसभा घेराव का प्लान

    By SUNIL RAAJEdited By: Krishna Bahadur Singh Parihar
    Updated: Sun, 04 Jan 2026 12:14 PM (IST)

    कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक 'मनरेगा बचाओ संग्राम' आंदोलन की घोषणा की है। यह राष्ट्रव्या ...और पढ़ें

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    प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बिहार कांग्रेस के नेता। फाइल फोटो

    राज्य ब्यूरो, पटना। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर किए जाने का आरोप लगाते हुए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने का एलान किया है। पार्टी का दावा है कि यह आंदोलन काम के अधिकार की रक्षा के लिए केंद्र सरकार की नीतियों से प्रभावित मनरेगा श्रमिकों की आवाज को सड़क से संसद तक पहुंचाने का प्रयास है।

    पार्टी की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अभियान की शुरुआत 8 जनवरी को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) स्तर की तैयारी बैठकों से होगी। जिसमें आंदोलन की रूपरेखा, जिम्मेदारियां और रणनीति तय की जाएंगी। 10 जनवरी को सभी जिलों में जिला-स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा।

    11 जनवरी को एक दिन का उपवास रखकर प्रतीकात्मक विरोध होगा। 12 जनवरी से 29 जनवरी तक पंचायत-स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी ग्राम पंचायतों में चौपालें आयोजित होंगी, जहां मनरेगा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

    इसी अवधि में विधानसभा -स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पैम्फलेट वितरण के माध्यम से आम जनता को जागरूक किया जाएगा। 30 जनवरी को वार्ड-स्तर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित होगा, जबकि 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिलों में 'मनरेगा बचाओ धरना' दिया जाएगा।

    विधानसभा घेराव का कार्यक्रम 

    आंदोलन के अगले चरण में 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य-स्तरीय विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। अंतिम चरण में 16 फरवरी से 25 फरवरी तक आंचलिक स्तर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्तर पर मनरेगा बचाओ रैलियां आयोजित होंगी।

    बिहार कांग्रेस प्रवक्ता असितनाथ तिवारी के अनुसार मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए जीवन रेखा है और इसके बजट, मजदूरी व कार्य दिवसों में कटौती सीधे तौर पर करोड़ों परिवारों के रोजगार के अधिकार पर हमला है। यह अभियान उसी अधिकार की रक्षा के लिए जनआंदोलन का रूप लेगा।