बिहार में अधूरे दस्तावेजों पर चल रहीं बसों के परमिट होंगे रद, परिवहन विभाग ने दी अंतिम चेतावनी
बिहार में लगभग आठ दर्जन बसें अधूरे दस्तावेजों के साथ चल रही हैं। परिवहन विभाग ने इन बस संचालकों को 15 जनवरी, 2026 तक आवश्यक कागजात जमा करने का अंतिम अ ...और पढ़ें
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प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीरें। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में लगभग आठ दर्जन बसें अधूरे दस्तावेजों के आधार पर परमिट लेकर दौड़ रही हैं। इनमें अंतर्क्षेत्रीय मार्गों के साथ उत्तरप्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के रूट पर चलने वाली बसें शामिल हैं।
परिवहन विभाग ने अब इन बस संचालकों को 15 जनवरी, 2026 तक की अंतिम समयसीमा दी है। इस अवधि में इन बस संचालकों को विश्वेश्वरैया भवन में राज्य परिवहन आयुक्त के कार्यालय में जरूरी कागजातों को समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर संबंधित वाहनों का स्वीकृत परमिट रद करने की चेतावनी दी गई है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, इन वाहन स्वामियों को आवेदन के समय प्राधिकार की विभिन्न बैठकों में शर्तों के साथ परमिट की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
इसके बाद स्वीकृत परमिट के निर्गमन के लिए कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद वांछित कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इनमें लंबित चालान, प्रदूषण प्रमाण-पत्र, परमिट प्रत्यर्पण, शपथ-पत्र, परमिट शुल्क में अंतर राशि आदि लंबित हैं।
इन रूटों पर चल रहीं हैं बसें
पटना-मधुबनी, बिहारशरीफ-सोनवर्षा, सासाराम-बोकारो, गया-रांची, बेतिया-टाटा, पटना-मधुबनी, जयनगर-पटना, गया-रांची, जमालपुर-पटना, राजगीर-कोलकाता, पूर्णिया-मुजफ्फरपुर, पटना-हजारीबाग, डेहरी-रांची, पटना-बांका, पटना-सिवान, पटना-छपरा, औरंगाबाद-रांची, रक्सौल-गोगरखपुर, बोधगया-अंबिकापुर, मुजफ्फरपुर-रांची, ठाकुरगंज से सिलीगुड़ी आदि।
पटना-दिल्ली रूट पर बस परिचालन के लिए सुझाव आमंत्रित
बिहार और दिल्ली के बीच बसों के परिचालन के लिए होने वाले समझौते का प्रारूप परिवहन विभाग ने जारी कर दिया है। इन रूटों पर सुझाव और आपत्ति की सुनवाई के लिए पांच जनवरी की तारीख तय की गई है। राज्य परिवहन आयुक्त के कार्यालय में इसकी सुनवाई होनी है।
इसके अलावा राज्य के अंतर्क्षेत्रीय मार्गों पर भी सुझाव और आपत्ति की सुनवाई के लिए पांच जनवरी की समय-सीमा तय की गई है।

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