यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rohini Acharya: 'सात सालों से दूसरे देश में...', लालू की बेटी रोहिणी आचार्य की नागरिकता पर उठे सवाल
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के बीच लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य की भारतीय नागरिकता पर ही सवाल खड़े कर ...और पढ़ें

HighLights
- भाजपा ने रोहिणी आचार्य की भारतीय नागरिकता पर सवाल खड़े किए हैं।
- भाजपा का दावा है कि किसी को भी रोहिणी आचार्य के पासपोर्ट स्टेटस के बारे में जानकारी नहीं है।
- भाजपा का कहना है कि शपथ पत्र में कई भ्रामक सूचना दी गई है।
राज्य ब्यूरो, पटना। Rohini Acharya सारण संसदीय क्षेत्र से राजद प्रत्याशी रोहिणी आचार्य के नामांकन में तथ्यों को छिपाने को लेकर पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दर्ज होने के बाद भाजपा के न्यायिक मामले एवं चुनाव आयोग संपर्क प्रमुख एसडी संजय ने कहा कि नामांकन स्वीकृत करना रिटर्निंग आफिसर द्वारा जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है।
भाजपा मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए संजय ने कहा कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत रिटर्निंग अधिकारी को जांच करना चाहिए था।
'रोहिणी आचार्य सात सालों से...'
उन्होंने कहा कि यह सबको मालूम रोहिणी आचार्य दूसरे देश में सात वर्षों से रहती हैं। इस स्थिति में उनका पासपोर्ट स्टेटस क्या है? उनके आवास के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह भी अस्पष्ट है कि वे भारत की नागरिक हैं या नहीं। ऐसी स्थिति में अपने देश के प्रति निष्ठा रख रही हैं या नहीं, यह भी जांच नहीं हुई।
संजय ने कहा कि इसी जांच के लिए पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की गई है और आग्रह किया गया है कि जल्द विशेष सुनवाई की जाए।
'शपथ पत्र में भ्रामक सूचना दी गई'
उन्होंने कहा कि शपथ पत्र में कई भ्रामक सूचना दी गई है। संपत्ति का ब्यौरा भी गलत दिया गया है। संजय ने कहा कि रोहिणी ने तथ्यों को छिपा कर मतदाताओं को भ्रम में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि अगर रोहिणी चुनाव जीत भी जाती हैं तो उनके अयोग्य होने के बाद स्थिति बदल जाएगी। प्रेसवार्ता में प्रदेश प्रवक्ता संजीव मिश्रा एवं सह मीडिया प्रभारी अमित प्रकाश बबलू उपस्थित थे।
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