यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो भाजपा नेता आमने-सामने, आरके सिंह के बयान पर मचा बवाल; आरा विधायक बोले- 'दिमाग में अगर कोई बात भी आई...'
भाजपा के पूर्व सांसद आरके सिंह ने लोकसभा चुनाव 2024 में हार के बाद पार्टी नेताओं पर सार्वजनिक रूप से ...और पढ़ें

HighLights
- पूर्व सांसद को समझाया, बोले पार्टी के फोरम पर बात करनी चाहिए
- इस तरह की बातें सार्वजनिक मंच एवं मीडिया में नहीं कहीं जाती
राज्य ब्यूरो, पटना। लोकसभा चुनाव 2024 हारने के बाद पहली बार सार्वजनिक मंच से भाजपा नेताओं के विरुद्ध टिप्पणी कर पार्टी के पूर्व सांसद आरके सिंह ने दल के अंदर की गुटबाजी को सार्वजनिक कर राजनीति सरगर्मी बढ़ा दी है।
आरके के बयान पर पार्टी के संस्थापक सदस्य, पूर्व मंत्री एवं आरा विधायक अमरेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में आइना दिखाया है।
आरा विधायक ने कहा है कि आपकी क्या समस्या है, मैं नहीं समझ रहा हूं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि पार्टी सबसे बड़ी है।
उन्हें पार्टी के फोरम पर बात करनी चाहिए। इस तरह की बातें सार्वजनिक मंच एवं मीडिया में नहीं कहीं जाती। आरके सिंह बड़े पदों पर रहे हैं, उन्हें खुद विचार करना चाहिए।
क्या बोले विधायक?
- उन्होंने कहा कि पार्टी क्या करेगी, यह आगे का विषय है। पार्टी किस रूप में लेगी, अभी कुछ नहीं कह सकते। आरके सिंह के दिमाग में अगर कोई बात भी आई है, तो नेतृत्व से बात करनी चाहिए।
- उन्हें नेतृत्व के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए थी। बदले की भावना लेकर कोई ऊंचाई पर नहीं जा सकता। आरके सिंह को भाजपा ने इज्जत और सम्मान दिया है।
आरके सिंह का बयान
उल्लेखनीय है कि आरके सिंह ने कहा था “कुछ लोगों ने राजनीतिक कारणों से मेरे विरुद्ध षड्यंत्र रचा और मुझे चुनाव हरवा दिया।
षड्यंत्र के बाद भी हमको पौने पांच लाख लोगों ने वोट दिया। हम सभी षड्यंत्रकारियों को पहचान गए हैं। किसी भी षड्यंत्रकारियों को छोड़ेंगे नहीं और ना ही हम कहीं जाने वाले है, यहीं रहेंगे।
जैसे ही सबूत मुझे मिल गया, वैसे ही सभी षड्यंत्रकारियों का नाम उजागर कर देंगे। बिहार के एक-दो नेता हैं, जो नहीं चाहते थे हम चुनाव जीत जाएं। कुछ नेताओं ने तो पैसे भी बांटे।
हमारे 60 प्रतिशत बूथों पर कोई पोलिंग एजेंट नहीं पहुंचा। अगर षड्यंत्रकारी को 2025 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिला तो उसके खिलाफ हम खड़ा हो जाएंगे।
आरा से सुदामा प्रसाद ने दर्ज की है जीत
- बता दें कि लोकसभा चुनाव में आरा सीट से आरके सिंह भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे थे। उन्होंने लगातार दो बार इस सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
- आरा लोकसभा सीट से इस बार भाकपा-माले के सुदामा प्रसाद ने जीत दर्ज की है। आरके सिंह ने भाजपा के कुछ नेताओं को अपनी हार का जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जांच होगी तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
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