बिहार में 7.50 लाख करोड़ का निवेश, 96% प्रोजेक्ट की बाधाएं दूर, सम्राट ने कहा-5 एक्सप्रेस वे भी बनेंगे
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्य सचिवों के साथ बिहार की परियोजनाओं की समीक्षा की। राज्य में 7.50 लाख करोड़ रुपये का न ...और पढ़ें

प्रेस वार्ता करते सम्राट चौधरी। एक्स
राज्य ब्यूरो, पटना। विकसित बिहार के लिए राज्य में अभी छह लाख 58 हजार करोड़ की 170 राष्ट्रीय परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
इनमें से एक लाख 28 हजार करोड़ की 60 परियोजनाएं पूरी कर जनता को समर्पित की जा चुकी हैं, जबकि 5.30 लाख करोड़ की लागत से 110 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।
इनमें सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र की सबसे अधिक परियोजनाएं हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पांच देशरत्न मार्ग स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
सम्राट ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में देशभर के मुख्य सचिवों के साथ प्रगति के माध्यम से बैठक कर 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की।
बिहार की 41 प्रमुख परियोजनाएं भी प्रधानमंत्री की प्रगति प्रणाली के अंतर्गत समीक्षा में हैं। इन परियोजनाओं में कुल 2.13 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
इनमें से 12 परियोजनाएं, जिनकी लागत 51,833 करोड़ रुपये है, पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष 29 परियोजनाएं 1.62 लाख करोड़ रुपये की लागत से तेज़ी से प्रगति पर हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार जैसे गरीब राज्य को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र से लगातार मदद मिल रही है, इसके लिए हमसब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आभारी हैं। केंद्र सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर तेजी से परिणाम दे रही हैं।
सड़क राजमार्ग की 72 तो रेलवे की 38 परियोजनाएं
परियोजनाओं की संख्या के लिहाज से सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र सबसे बड़ा है, जिसमें कुल 72 परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं रेलवे क्षेत्र में 38 परियोजनाएं चल रही हैं, जो बिहार को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से और अधिक मजबूती से जोड़ रही हैं।
इसके अलावा बिजली, तेल एवं गैस, दूरसंचार, शहरी अवसंरचना और जलमार्ग क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
सम्राट ने बताया कि प्रगति प्रणाली के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है। परियोजनाओं से जुड़े कुल 266 मुद्दों की पहचान की गई थी, जिनमें से 255 का समाधान कर लिया गया है।
इससे बिहार को लगभग 96 प्रतिशत मुद्दा-समाधान दर प्राप्त हुई है। वर्तमान में केवल 11 मुद्दे लंबित हैं, जिन पर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है।
सबसे अधिक समस्याएं भूमि अधिग्रहण से जुड़ी थीं, जिनकी संख्या 167 रही। इसके अलावा वन एवं पर्यावरण स्वीकृतियों से जुड़े 32 मुद्दे सामने आए।
पांच एक्सप्रेस-वे भी प्राथमिकता में
सम्राट ने बताया कि राज्य की कई एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है। सिलिगुड़ी-गोरखपुर, पूर्णिया-खगडि़या, पटना-पूर्णिया, बक्सर-भागलपुर और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे की परियोजनाएं भी प्राथमिकता में हैं। कोसी-मेची लिंक पर बराज का निर्माण लगभग पूरा हो गया है।

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