परिवहन विभाग एक्शन मोड में: रोजाना 1800 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस, निजी स्कूल बसों की होगी सख्त जांच
परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की लंबित समस्याओं को सफलतापूर्वक हल किया है। अब प्रतिदिन औसतन 1,841 डीए ...और पढ़ें

रोजाना 1800 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस
डिजिटल डेस्क, पटना। परिवहन विभाग ने ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) और वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान में बड़ी सफलता हासिल की है। राज्य में अब प्रतिदिन औसतन 1,841 ड्राइविंग लाइसेंस और 3,731 वाहनों का निबंधन किया जा रहा है। यह जानकारी परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दी। वह पटना और नवादा के सफल आवेदकों को सांकेतिक रूप से डीएल और आरसी सौंपने पहुंचे थे।
इस अवसर पर मंत्री ने सड़क सुरक्षा नियमों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े और अपने-अपने जिलों में ड्राइविंग टेस्ट पास करने वाले आवेदकों को डीएल और आरसी वितरित किए। शेष आवेदकों को उनके प्रमाणपत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से घर भेजे जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि डीएल और आरसी की लंबित पेंडेंसी विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसका सीधा असर आम लोगों, खासकर युवाओं और रोजगार से जुड़े वर्ग पर पड़ रहा था।
मिशन मोड में कार्य, नियमित मॉनिटरिंग और विशेष अभियानों के कारण अब स्थिति तेजी से सुधरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की पेंडेंसी नहीं रहने दी जाएगी और सेवाएं पूरी तरह समयबद्ध होंगी।
सड़क सुरक्षा को लेकर विभाग ने विशेष रणनीति बनाई है। मंत्री ने बताया कि 1 जनवरी से 31 मार्च तक राज्यभर में सड़क सुरक्षा माह मनाया जाएगा।
इसके तहत स्कूल-कॉलेज के छात्रों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही 1 से 15 जनवरी तक सभी निजी विद्यालयों की बसों और उनके चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस और अन्य सुरक्षा मानकों की सघन जांच की जाएगी। डीएल कार्ड जारी करने वाली एजेंसी के कार्यों की भी समीक्षा की जाएगी।
आंकड़ों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि बिहार में अब तक 1 करोड़ 52 लाख से अधिक वाहन निबंधित हैं और 1 करोड़ 30 लाख से ज्यादा लाइसेंसधारी हैं।
नवंबर में आरसी के 1 लाख 38 हजार 550 मामले लंबित थे, जबकि 30 दिसंबर तक 3 लाख 43 हजार से अधिक आरसी जारी कर दिए गए हैं। वहीं डीएल के मामलों में भी पेंडेंसी में उल्लेखनीय कमी आई है।
कार्यक्रम में बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि 1 जनवरी से बिहारशरीफ में पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी।
इसके अलावा पटना-राजगीर-ककोलत मार्ग पर नई डीलक्स बसें चलाई जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य के छह प्रमंडलों में बस डिपो निर्माणाधीन हैं और 194 नई बसें जल्द सड़कों पर उतरेंगी।
कार्यक्रम में परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि जनता के विश्वास की जीत है।

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