Bihar Sugarcane Policy Changes: गन्ना नीति में बड़ा बदलाव, अब छोटे गुड़ उत्पादकों को भी मिलेगा लाभ, खेती विस्तार और प्रशिक्षण पर सरकार का फोकस
बिहार सरकार ने गन्ना नीति में बड़ा बदलाव किया है, जिससे अब छोटे गुड़ उत्पादकों को भी प्रोत्साहन योजना का लाभ मिलेगा। इससे उनकी आय बढ़ेगी और पारंपरिक ग ...और पढ़ें

खेती विस्तार और प्रशिक्षण पर सरकार का फोकस
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में गन्ना किसानों और छोटे गुड़ उत्पादकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने गन्ना नीति में बड़ा बदलाव करते हुए अब छोटे गुड़ उत्पादकों को भी गुड़ प्रोत्साहन योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इससे अब तक हाशिये पर रहे छोटे उत्पादकों की आमदनी बढ़ेगी और पारंपरिक गुड़ उद्योग को नई मजबूती मिलेगी।
गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह अहम निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता अब केवल चीनी मिलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गुड़ उत्पादन से जुड़े छोटे किसानों और कारीगरों को भी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
इसके साथ ही उन्होंने बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनः परिचालन और नई चीनी मिलों की स्थापना की दिशा में भी तेज़ी से काम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में गन्ना खेती का रकबा बढ़ाना जरूरी है और इसके लिए किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती पद्धतियों से जोड़ना होगा।
इसी उद्देश्य से राज्य के करीब तीन हजार गन्ना किसानों को प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जाएगा। वहां वे प्रगतिशील किसानों से मिलकर मूल्य संवर्धन, आधुनिक तकनीक और बेहतर उत्पादन की विधियां सीखेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित अधिकारी भी किसानों के साथ जाएंगे और हर प्रशिक्षण सत्र के बाद सामूहिक रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे, ताकि सीखे गए अनुभवों को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि गन्ना रोपाई, सिंचाई और हार्वेस्टिंग के लिए विशेष योजनाएं तैयार कर किसानों को अनुदान का लाभ दिया जाना चाहिए। इससे उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।
साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य कारण से गन्ने की फसल को नुकसान होने पर किसानों को फसल बीमा का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
किसानों को प्रोत्साहित करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर गन्ना महोत्सव आयोजित करने की भी योजना है। इस महोत्सव के माध्यम से किसानों को नई तकनीक, मशीनों और बेहतर बीजों की जानकारी दी जाएगी।
अपर मुख्य सचिव ने सभी पात्र किसानों को गन्ना यंत्रीकरण योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए, ताकि खेती में आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ सके और श्रम लागत में कमी आए।
बैठक में संयुक्त निदेशक ईख विकास, विशेष कार्य पदाधिकारी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।
सरकार के इन फैसलों से न सिर्फ गन्ना उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छोटे गुड़ उत्पादकों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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