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    Bihar Flood: मानसूनी बारिश से उफान पर बिहार की नदियां, पटना में खतरे के निशान के करीब बह रही गंगा

    Updated: Thu, 11 Jul 2024 03:13 PM (IST)

    मानसूनी बारिश के कारण बिहार सहित देश की अधिकांश नदियां अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं। गंगा नदी भी अपने उफान पर है। पिछले 3 दिन में गंगा के जलस्तर में दो मीटर बढ़ोतरी हुई है। गांधी घाट पर तो गंगा नदी खतरे के निशान से सिर्फ दो मीटर नीचे बह रही है। अनुमान है कि गंगा नदी के जलस्तर में अभी और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है।

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    तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में दो मीटर की बढ़ोतरी।

    जागरण संवाददाता, पटना। तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में दो मीटर वृद्धि हुई है। तेज गति से गंगा नदी के जल स्तर में वृद्धि दर्ज की गई है।

    रविवार की सुबह छह बजे दीघा घाट का जलस्तर 45.02 मीटर, गांधी घाट का 44.84 मीटर, हाथीदह का 36.80 मीटर तथा मनेर का 45.73 मीटर जल स्तर था।

    बुधवार की सुबह छह बजे दीघा घाट का जलस्तर बढ़कर 47.3 मीटर, गांधी घाट का 46.72 मीटर, हाथीदह का 38.72 मीटर तथा मनेर का 47.94 मीटर जल स्तर दर्ज किया गया है।

    गांधी घाट पर खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे बह रही गंगा

    गांधी घाट पर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे गंगा बह रही है। जल स्तर वृद्धि का यही रफ्तार जारी रहा तो तीन दिनों में खतरे के निशान के बराबर गंगा बहने लगेगी।

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    दीघा घाट पर खतरे के निशान से गंगा तीन मीटर तथा मनेर में चार मीटर नीचे बह रही हैं। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के अनुसार, गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होगी।

    गंगा घाट खतरा जल स्तर बुधवार का जल स्तर  रविवार का जलस्तर
    दीघा घाट 50.45 47.3 45.02
    गांधी घाट  46.72 46.72 44.84
    हाथीदह 41.76  38.72 36.80
    मनेर 52.00 47.94 45.73

    राहत शिविर चलाने के लिए 128 ऊंचे स्थल चयनित

    बाढ़ आने की स्थिति में 128 ऊंचे स्थानों को राहत शिविर चलाने के लिए चयनित कर लिया गया है। जिला प्रशासन गंगा सहित सभी नदियों के जलस्तर वृद्धि पर नजर रख रहा है।

    जिला आपदा पदाधिकारी डीपी शाही ने बताया कि गंगा दियारा सहित बाढ़ आने की संभावना वाले प्रखंडों में प्रखंड स्तरीय कमेटी बनाया गया है।

    बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ सहित प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी नियमित बैठक कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

    गंगा का जलस्तर दो मीटर नीचे है। इसके बाद भी प्रशासन अलर्ट है। खतरे के निशान पर गंगा आती है, तो दियारा क्षेत्र में पानी फैल जाता है।

    बाढ़ आने के बाद विस्थापितों को ऊंचे स्थान पर ले जाने, तीन बार भोजन देने सहित सभी प्रकार के कार्य के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। स्थानीय स्तर पर अस्पतालों की जांच कर दवा की उपलब्धता कराई जा रही है।

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