यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar: नीतीश कुमार ने सुना लालू यादव का ऑफर, 'सुशासन बाबू' मुस्कुराए हाथ जोड़े और...
Bihar Politics नए साल की शुरुआत के साथ ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में बदलाव की आहट भी तेज हो ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार की राजनीति में तेज हुई बदलाव की आहट
- लालू यादव ने सीएम नीतीश कुमार को दिया ऑफर
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार में इस साल अक्टूबर-नवंबर महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिससे पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। दरअसल, साल 2024 में नीतीश कुमार ने जनवरी महीने में ही गठबंधन का साथ छोड़कर NDA में वापसी की थी। अब एक बार फिर बिहार की राजनीति में बदलाव की आहट तेज हो गई है।
नए साल की शुरुआत होते ही लालू यादव ने नीतीश कुमार को अपने साथ आने का ऑफर दे दिया है। वहीं इस पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
लालू यादव ने दिया ऑफर
पूर्व सीएम लालू यादव का सोशल मीडिया में एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वो नीतीश कुमार को साथ आने का ऑफर देत हुए नजर आ रहे हैं। लालू यादव ने कहा कि हमारा दरवाजा उनके लिए खुला है, उन्हें भी दरवाजा खोलकर रखना चाहिए।
इस दौरान लालू यादव ने ये भी कहा कि उन्हें शोभा नहीं देता वे हर बार भाग जाते हैं, लेकिन अगर नीतीश वापस आना चाहते हैं तो हम उन्हें माफ कर देंगे।
दरअसल, नीतीश कुमार की भाजपा से नाराजगी की खबरें इन दिनों सुर्खियों में हैं, वहीं इन खबरों की वजह से इंडी गठबंधन भी इस उम्मीद में है कि जल्द ही नीतीश कुमार वापसी कर सकते हैं।
नीतीश ने जोड़े हाथ
लालू यादव के ऑफर के बाद जब इस पर सीएम नीतीश कुमार से बात की गई तो वे कोई भी प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। सीएम नीतीश हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए निकल गए।
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने किया इनकार
आरजेडी प्रमुख लालू यादव की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि बोलने की आजादी है, लोग जो भी चाहें बोल सकते हैं। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि हम एनडीए के साथ हैं और पूरी दृढ़ता के साथ एनडीए के साथ हैं।
BJP से नाराजगी की खबरें
पिछले कुछ दिनों से सीएम नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के बीच नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं सीएम नीतीश मीडिया के सामने भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। राजद प्रमुख के ऑफर के बाद भी वे बिना कुछ बोले हाथ जोड़कर मुस्कुराते हुए निकल गए।
सीएम नीतीश कुमार की खामोशी बिहार की राजनीति में किसी बड़े फेरबदल की ओर इशारा करती है। ऐसे में एक बार फिर नीतीश कुमार की चुप्पी पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।
हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी नीतीश कुमार दिल्ली में उनके परिवारवालों से मुलाकात करके वापस आ गए थे।
इस दौरान उन्होंने किसी भी बीजेपी नेता से मुलाकात नहीं की, जिसके बाद से भाजपा से नाराजगी की अटकलें तेज हो गई हैं।
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