Bihar In Modi 3.0 : केंद्र में बिहार की धमक बढ़ी, फिर भी मोदी मंत्रिमंडल में इस समुदाय को नहीं मिली जगह
Bihar In PM Modi Cabinet 3.0 केंद्र सरकार में बिहरा की धमक बढ़ गई है। रविवार को प्रदेश के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद एक-एक करके कैबिनेट मंत्री और राज्य मंत्री पद की शपथ ली। ये सभी सांसद विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। हालांकि बिहार से एक समुदाय ऐसा भी है जिसे अभी कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

रमण शुक्ला, पटना। PM Modi Cabinet 3.0 : दस वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल (Narendra Modi Cabinet) में बिहार के मंत्रियों की भागीदारी बढ़ गई है। बिहार राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) से मंत्रियों की संख्या छह से बढ़कर आठ हो गई।
बता दें कि 15 वर्षों बाद बिहार से कुल आठ मंत्री बनाए गए हैं। वहीं, दक्षिण बिहार एवं शाहाबाद में राजपूतों की राजग से बगावत महंगी पड़ी। राजग ने मोदी सरकार में बिहार के राजपूतों का प्रतिनिधित्व ही समाप्त कर दिया।
भाजपा, जदयू एवं लोजपा किसी भी पार्टी के कोटे से एक भी राजपूत सांसद को मंत्रिमंडल में सम्मिलित नहीं किया गया। बहुत संभव है कि भविष्य में कैबिनेट विस्तार में इसे ध्यान में रखा जाए।
यह स्थिति तब बनी है, जबकि अगले वर्ष बिहार में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा कोटे से मंत्रियों की संख्या चार की चार रखी गई है, पर राजपूतों का पत्ता साफ हो गया। पिछली सरकार में पूर्व नौकरशाह व आरा से सांसद रहे आरके सिंह राजपूत कोटे से ऊर्जा मंत्री थे।
15 वर्ष बाद बढ़ा प्रतिनिधित्व
केंद्रीय मंत्रिमंडल में डेढ़ दशक बाद बिहार का प्रतिनिधित्व बढ़ा है। इससे पहले 2009 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नेतृत्व वाली यूपीए (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) की सरकार में बिहार से नौ मंत्री हुआ करते थे।
वहीं, यूपीए से पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी नौ मंत्री हुआ करते थे। हालांकि, अभी बिहार से एक-दो और मंत्री के मोदी मंत्रिमंडल में सम्मिलित होने की संभावना है।
बिहार से कौन-कौन बने मंत्री?
भाजपा से गिरिराज सिंह (भूमिहार), सतीश चंद्र दुबे (ब्राह्मण समुदाय), नित्यानंद राय (Nityanand Rai) (यादव समुदाय) और राजभूषण चौधरी (मल्लाह/निषाद समुदाय)। जदयू से ललन सिंह (भूमिहार) और रामनाथ ठाकुर (Ramnath Thakur) (नाई/अत्यंत पिछड़ा वर्ग समुदाय)। लोजपा से चिराग पासवान (पासवान समुदाय)। हम से जीतन राम मांझी (मुसहर समुदाय)।
- राजग की अटल सरकार : वाजपेयी सरकार में बिहार से डॉ. सीपी ठाकुर, संजय पासवान, हुकुमदेव नारायण, राजीव प्रताप रूडी, शाहनवाज हुसैन, रविशंकर प्रसाद, कैप्टन जयनारायण निषाद, नीतीश कुमार, जार्ज फर्नांडिस एवं शरद यादव मंत्री हुआ करते थे।
- यूपीए की मनमोहन सरकार : कांग्रेस की अगुवाई वाली मनमोहन सिंह सरकार में भी बिहार से लालू यादव, कांति सिंह, जय प्रकाश नारायण यादव, रघुनाथ झा, अखिलेश सिंह, अली अशरफ फातमी, प्रेम गुप्ता, मीरा कुमार, रामविलास पासवान मंत्री बनाए गए थे।
- मगध में मांझी, शाहाबाद साफ : राजग ने मगध से पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) के टिकट पर गया से पहली बार सांसद चुने गए जीतन राम मांझी को मंत्री बनाकर प्रतिनिधित्व दिया है। ऐसे में अब मगध की नांव मांझी के हाथ में है। वहीं, शाहाबाद की छह सीटों पर राजग की हार के कारण मंत्री कोटे का पत्ता साफ हो गया।
मल्लाहों का बढ़ा महत्व
मुजफ्फरपुर से पहली बार सांसद चुने गए राज भूषण चौधरी को भाजपा ने राज्य मंत्री बनाकर 26 वर्षों बाद एक बार फिर मल्लाहों का महत्व बढ़ा दिया है।
इससे पहले वाजपेयी सरकार में कैप्टन जय नारायण निषाद 1998 में मंत्री रहे थे। वहीं, भाजपा ने अश्विनी चौबे की जगह राज्यसभा सदस्य सतीश चंद्र दुबे को मंत्री बनाकर चंपारण को साधने का प्रयास किया है।
दुबे वाल्मीकिनगर से 2014 से 2019 के बीच सांसद रहे हैं। वहीं, वर्षों बाद भूमिहार जाति से दो कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं।
उनमें भाजपा से गिरिराज सिंह एवं जदयू से राजीव रंजन सिंह ऊर्फ ललन सिंह हैं। यादव जाति से एक बार फिर नित्यानंद राय लगातार दूसरी बार मोदी मंत्रिमंडल में लिया गया है।
आठ में से छह बने पहली बार मंत्री
बिहार से मंत्री पद की शपथ लेने वाले आठ राजनेताओं में छह पहली बार मंत्री बने हैं। जीतन राम मांझी, ललन सिंह, गिरिराज सिंह एवं चिराग पासवान कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। रामनाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, सतीश चंद्र दुबे एवं राजभूषण चौधरी को राज्य मंत्री का दर्जा मिला है।
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