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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar News: जनवरी से 8 करोड़ 71 लाख लोगों को मिलेगा मुफ्त अनाज, केंद्र सरकार ने दिए निर्देश

By Dina Nath SahaniEdited By: Prateek Jain
Published: Sat, 31 Dec 2022 10:15 PM (IST)

नये साल में एक जनवरी से बिहार के एक करोड़ 69 लाख परिवारों (राशनकार्ड धारकों) को मुफ्त अनाज मिलेगा। माना ...और पढ़ें

केंद्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले से राज्य के 8 करोड़ 71 लाख गरीबों को लाभ मिलेगा।
केंद्र सरकार के ऐतिहासिक फैसले से राज्य के 8 करोड़ 71 लाख गरीबों को लाभ मिलेगा।

पटना, दीनानाथ साहनी: नये साल में एक जनवरी से बिहार के एक करोड़ 69 लाख परिवारों (राशनकार्ड धारकों) को मुफ्त अनाज मिलेगा। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से राज्य के 8 करोड़ 71 लाख गरीब लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें बड़ी राहत भी देगा।

जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों को मुफ्त खाद्यान्न के एवज में गरीबों को अब पैसे का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। बिहार सरकार के खाद्य सचिव विनय कुमार ने सरकार के निर्देश के तहत मुफ्त अनाज वितरण सुनिश्चित कराने और उसकी सटीक मानि‍टरिंग करने का आदेश सभी जिलाधिकारी को दिया है।

एक साल तक गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न का मिलेगा लाभ

खाद्य सचिव विनय कुमार ने सभी जिलाधिकारी को आदेश देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत राशन प्रणाली में सस्ती दरों पर उपभोक्ताओं को बांटे जाने वाले अनाज के लिए अब कार्ड धारकों को कोई भुगतान नहीं करना होगा। यह सुविधा सभी लाभुकों को 31 दिसंबर 2023 तक दी जाएगी। उन्होंने बताया कि एनएफएसए के तहत एक करोड़ उनसठ लाख परिवारों को अति रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है।

इसके तहत राशन कार्डधारक उपभोक्ताओं को सस्ती दर की राशन दुकानों से जहां तीन रुपये प्रति किलो की दर से चावल, दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और एक रुपये प्रति किलो की दर से मोटा अनाज दिया जाता था। इसमें प्रत्येक सामान्य उपभोक्ता को हर महीने पांच किलो की दर से अनाज बांटा जाता है, जबकि अंत्योदय वर्ग के उपभोक्ताओं को अनाज की यह मात्रा सात किलो प्रति व्यक्ति होती है। यानी प्रत्येक सामान्य परिवार को 25 किलो और अंत्योदय वर्ग के परिवार को 35 किलो अनाज दिया जाता है।

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद अब किसी भी उपभोक्ता से राशन प्रणाली के अनाज का कोई मूल्य नहीं लिया जाएगा। कोविड-19 के दौरान लोगों की खाद्य सुरक्षा के मद्देनजर सरकार पिछले 28 महीने से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत सभी कार्डधारकों को एनएफएसए में मिलने वाले अनाज के अतिरिक्त हर महीने पांच किलो अनाज मुफ्त दिया जा रहा था। इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2022 थी, उसके समाप्त होने से पहले ही सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए पूरे एक साल का मुफ्त अनाज देने का निर्देश दिया है।

पीडीएस दुकानदारों को 90 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मिलेगा मार्जिन मनी

खाद्य सचिव विनय कुमार ने बताया कि जिन पीडीएस दुकानदारों द्वारा दिसंबर 2022 के खाद्यान्न के लिए बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को राशि का भुगतान किया गया है, वह राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी। साथ ही, एनएफएसए के तहत मुफ्त खाद्यान्न वितरण हेतु दुकानदारों को पूर्व निर्धारित 90 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मार्जिन मनी का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी जिलाधिकारी को नवंबर से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना बंद के संबंध में सभी 38 जिलों में लाभुकों के बीच प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। नवंबर से खाद्यान्न वितरण चक्र पूरा होने के बाद यह योजना बंद हो जाएगा।

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