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बिहार में महागठबंधन खत्‍म! कांग्रेस के सीनियर लीडर का बड़ा बयान; क्‍या RJD से अलग होगी पार्टी?

By SUNIL RAAJEdited By: Vyas Chandra
Published: Mon, 29 Dec 2025 04:45 PM (IST)

बिहार में महागठबंधन को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ...और पढ़ें

तेजस्‍वी यादव व राहुल गांधी। जागरण आर्काइव

तेजस्‍वी यादव व राहुल गांधी। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. महागठबंधन से कांग्रेस को कोई लाभ नहीं मिल रहा।

  2. कांग्रेस अपनी अलग राजनीतिक राह बनाएगी।

  3. तेजस्वी यादव की नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर सवाल।

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति में महागठबंधन की एकजुटता पर फिर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के पूर्व नेता शकील अहमद खान ने दो टूक शब्दों में कहा है कि महागठबंधन अब केवल औपचारिक रह गया है। राजद के साथ बने रहने से न तो चुनावी लाभ ही मिल रहा है और न ही संगठन ही मजबूत हो रहा है।

दिल्ली में हुआ मंथन, गठबंधन पर बदला नजरिया

शकील अहमद ने पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक का हवाला देकर कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर गंभीर मंथन हुआ।

पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में बिहार के सभी 60 कांग्रेस प्रत्याशियों और वरिष्ठ नेताओं की राय ली गई।

इस समीक्षा में यह निष्कर्ष सामने आया कि जिस गठबंधन से पार्टी को राजनीतिक बढ़त नहीं मिल रही, उसके साथ बने रहना आत्मघाती साबित हो सकता है।

गठबंधन में घुट रही कांग्रेस सीधे-सीधे आरोप

डा. शकील ने कहा कि महागठबंधन का हिस्सा रहते हुए कांग्रेस लगातार अपना राजनीतिक स्पेस खोती जा रही है। सीट बंटवारे से लेकर चुनावी रणनीति तक कांग्रेस की भूमिका सीमित कर दी गई है।

इसका नतीजा यह है कि न पार्टी की सीटें बढ़ रही हैं और न वोट प्रतिशत में कोई ठोस इजाफा हो रहा है। उन्होंने इसे कांग्रेस के लिए दीर्घकालिक नुकसान करार दिया।

जनविरोधी सरकार के खिलाफ काम करने की वकालत

शकील अहमद ने कहा, वर्तमान में कांग्रेस को लोगों के बीच जाकर प्रदेश की जनविरोधी सरकार के खिलाफ काम करना होगा।

शकील अहमद का बयान ऐसे वक्त आया है जबकि बिहार में अपनी जमीनी पहचान बनाने की रणनीति बनाने में जुटी है। उनके बयान को महागठबंधन में गहरी होती दरार और कांग्रेस की संभावित स्वतंत्र राजनीतिक दिशा की भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है।