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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Land Mutation: बिहार में दाखिल-खारिज को लेकर आया नया निर्देश, सभी जिलाधिकारियों को भेजा गया लेटर

Published: Wed, 14 Aug 2024 10:26 PM (GMT+05:30)

Bihar Land Mutation राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने दाखिल-खारिज के मामले में पूर्व के जारी दिशा निर्देशों को सख्ती ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
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HighLights

  1. दाखिल-खारिज से जुड़े पूर्व के निर्देशों पर अमल करें: जय सिंह
  2. विभागीय सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को लिखा पत्र
  3. 75 दिनों के भीतर भूमि संबंधित मामलों को निबटारा करने की बात

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Land Mutation राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पिछले साल एक मार्च को फिफो (फर्स्ट कम फर्स्ट आउट) सिस्टम लागू किया था। अब कहा गया कि आवेदनों के निबटारे में इसका अनुपालन किया जाए। सम-विषम के आधार पर हलके की जिम्मेवारी तय की गई थी।

सम संख्या वाले हलके अंचलाधिकारी और विषम संख्या वाले हलके की जिम्मेवारी राजस्व अधिकारी को दी गई थी।कहा गया कि दाखिल-खारिज का निष्पादन इसी व्यवस्था से हो। त्रुटि जांच के लिए अंचल अधिकारी संबंधित राजस्व कर्मचारी को आवेदन अग्रसारित करेंगे।

राजस्व कर्मचरी तीन कार्य दिवस में रिपोर्ट करेंगे कि आवेदन में दिए गए दस्तावेज सही हैं या नहीं। अगर दस्तावेजों में कोई त्रुटि है तो अंचलाधिकारी 24 घंटे के भीतर उसे सुधार के लिए आवेदक को लौटा देंगे।

साफ्टवेयर में ऐसी व्यवस्था है कि 24 घंटे के भीतर त्रुटिपूर्ण आवेदन रैयत के लागिन में अपने आप भी लौट जाएगा। दाखिल-खारिज के किसी आवेदन का हर हाल में 75 दिनों के भीतर निबटारा हो जाना है।

अधिक राशि की वापसी

जमीन लगान मद में आनलाइन भुगतान के दौरान अगर अधिक राशि वसूली हो गई है तो इसकी वापसी होगी। विभाग ने इसके लिए भी बुधवार को अलग आदेश जारी किया है।इसके अनुसार अधिक राशि की वापसी उसी खाते में होगी, जिससे भुगतान किया गया है।

बिहार विशेष जमीन सर्वेक्षण को लेकर आमसभा

इसके अलावा, अन्य मामले में नावकोठी (बेगूसराय) प्रखंड कार्यालय स्थित विमर्श कक्ष में नावकोठी पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता मुखिया राष्ट्रपति कुमार ने की।

इस दौरान बिहार विशेष सर्वेक्षण के बारे में उपस्थित ग्रामीणों से कहा कि अपनी जमीन की मेड़ को ठीक-ठाक बना दे और उसे सीमांकित करने, भूमि के स्वामित्व संबंधी समस्त दस्तावेजों को यथासंभव आवेदन कर अथवा खेसरा वार विवरण प्रपत्र टू में भरकर शिविर में जमा कर दें। 

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