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Bihar Bhumi: आ गया नीतीश सरकार का आदेश, गड़बड़ी पर डिप्‍टी सीएम विजय सिन्हा ने इन्‍हें दी FIR की ज‍िम्‍मेदारी

By Arun Ashesh Edited By: Vyas Chandra
Published: Sat, 03 Jan 2026 07:29 PM (IST)

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बिहार में जाली भूमि दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। अब फर्जी कागजात ...और पढ़ें

फर्जी कागजात म‍िलने पर होगी एफआइआर।

फर्जी कागजात म‍िलने पर होगी एफआइआर।

HighLights

  1. जाली भूमि दस्तावेजों पर अब होगी आपराधिक कार्रवाई।

  2. अंचलाधिकारी स्वयं दर्ज कराएंगे फर्जीवाड़े की प्राथमिकी।

  3. लापरवाही या संरक्षण को गंभीर कदाचार माना जाएगा।

राज्य ब्यूरो, पटना। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि भूमि से संबंधित मामलों में जाली और कूटरचित दस्तावेजों के आधार अब कोई खेल नहीं होगा।

नामांतरण, दाखिल-खारिज हो या सरकारी भूमि का मामला, फर्जी कागजात सामने आते ही संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक कार्रवाई अनिवार्य होगी।

अंचलाधिकारी स्वयं प्राथमिकी दर्ज कराएंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही या संरक्षण को गंभीर कदाचार माना जाएगा।

जमीन माफिया, दलाल और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ डबल इंजन की सरकार की नीति स्पष्ट है, कानून का कठोरतम प्रहार किया जाएगा।

शून्‍य सहनशीलता की नीत‍ि 

इस मामले में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है। उप मुख्यमंत्री की पहल पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव गाेपाल सिंह मीणा ने शनिवार को आदेश भी जारी कर दिया है।

इसकी प्रति प्रमंडलीय आयुक्तों, समाहर्ताओं, वरीय पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों और भूमि सुधार उप-समाहर्ताओं को भेज दी गई है।

सचिव ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व की समीक्षात्मक बैठकों में ऐसे मामले सामने आने के बावजूद कई स्थानों पर अंचल स्तर से प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई, जिसे गंभीर लापरवाही माना गया है। 

आदेश में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की जिन धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है, उनमें कूटरचना, कूटरचित दस्तावेज का उपयोग, छल और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

अंचलाधिकारी दर्ज कराएंगे प्राथमिकी

निर्देश के अनुसार, सरकारी भूमि से जुड़े मामलों में संबंधित अंचलाधिकारी स्वयं स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
निजी या रैयती भूमि के विवाद में जांचोपरांत अंचलाधिकारी या राजस्व पदाधिकारी की अनुशंसा पर परिवादी के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

पत्र में कहा गया है कि जाली दस्तावेज के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाए। यदि पूर्व में ऐसा कोई आदेश पारित हो चुका है, तो उसकी विधि-सम्मत समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराना या मामले को दबाने का प्रयास कर्तव्य में घोर लापरवाही और कदाचार माना जाएगा। इसके लिए संबंधित अंचलाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।