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    खेलो इंडिया ASMITA गेम्स में बिहार की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, जूनियर हॉकी टीम ने जीता रजत पदक

    By Akshay PandeyEdited By: Radha Krishna
    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:07 PM (IST)

    गुवाहाटी में आयोजित जूनियर ईस्ट ज़ोन खेलो इंडिया ASMITA गेम्स में बिहार की जूनियर हॉकी गर्ल्स टीम ने रजत पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया है। सीमित ...और पढ़ें

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    खेलो इंडिया ASMITA गेम्स में बिहार की बेटियों का शानदार प्रदर्शन

    जागरण संवाददाता, पटना। गुवाहाटी में आयोजित जूनियर ईस्ट ज़ोन खेलो इंडिया ASMITA गेम्स में बिहार की जूनियर हॉकी गर्ल्स टीम ने रजत पदक जीतकर राज्य को गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि ने न केवल बिहार की महिला हॉकी की बढ़ती ताकत को उजागर किया है, बल्कि राज्य के खेल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। सीमित संसाधनों और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद बिहार की बेटियों ने जिस जज्बे और अनुशासन के साथ प्रदर्शन किया, उसने खेल प्रेमियों और अधिकारियों सभी को प्रभावित किया है।

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    गुवाहाटी में खेले गए इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में बिहार की टीम का सफर चुनौतीपूर्ण लेकिन प्रेरणादायक रहा। पूल मुकाबलों में टीम ने त्रिपुरा और मेजबान असम को हराकर शानदार शुरुआत की। तेज गति, सटीक पासिंग और मजबूत डिफेंस के दम पर टीम ने फाइनल में प्रवेश किया। खिताबी मुकाबले में बिहार का सामना हॉकी की पारंपरिक शक्ति ओडिशा से हुआ। मुकाबले में बिहार की टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन खिलाड़ियों ने पूरे मैच में जिस जुझारूपन और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया, उसने सभी का ध्यान खींचा।

    टीम के इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए भारत सरकार और ओडिशा सरकार की ओर से कुल 1.44 लाख रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई। यह सम्मान खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

    रजत पदक जीतकर लौटने के बाद विकास भवन में आयोजित एक विशेष मुलाकात कार्यक्रम में बिहार के खेल विभाग के सचिव श्री महेंद्र कुमार और निदेशक-खेल श्री आरिफ अहसन ने खिलाड़ियों से संवाद किया। इस दौरान पूरे माहौल में गर्व, उत्साह और भविष्य की उम्मीदें साफ झलक रही थीं। सचिव ने खिलाड़ियों की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता बिहार में महिला खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

    उन्होंने खिलाड़ियों से व्यक्तिगत बातचीत में उनके खेल अनुभवों के बारे में जानकारी ली—किस खिलाड़ी ने कितने गोल किए, कितने पेनल्टी कॉर्नर मिले, खिलाड़ी किस जिले से हैं और कहां प्रशिक्षण लेती हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अंतरराष्ट्रीय मानक वाले हॉकी टर्फ पर मिला प्रशिक्षण उनके प्रदर्शन के लिए निर्णायक साबित हुआ। यह टर्फ अब बिहार की हॉकी पहचान का मजबूत आधार बन चुका है। इसी कड़ी में पटना में भी इसी स्तर का नया हॉकी टर्फ तेजी से विकसित किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

    इस अवसर पर हॉकी बिहार के अध्यक्ष सह ग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमार ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक ने टीम को बधाई देते हुए आश्वासन दिया कि आगे भी खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

    टीम कोच श्री अनंत कुमार ने कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों में हॉकी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल सही मार्गदर्शन, पोषण और संस्थागत सहयोग की। वहीं टीम मैनेजर सुश्री तमन्ना राज ने निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए मजबूत प्रशिक्षण संरचना और नियमित प्रतियोगिताओं की आवश्यकता पर जोर दिया।

    बीते कुछ वर्षों में बिहार ने महिला एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और हीरो एशिया कप हॉकी जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की सफल मेजबानी कर अपनी खेल क्षमताओं का परिचय दिया है। अब इसी मजबूत आधार पर बिहार की उभरती महिला हॉकी प्रतिभाओं को दिग्गज कोच हरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित करने की योजना है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

    खेल विभाग का स्पष्ट संदेश है कि बिहार की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी। खेलो इंडिया ASMITA गेम्स में जीता गया यह रजत पदक बिहार की हॉकी बेटियों के लिए स्वर्णिम भविष्य की ओर बढ़ता हुआ एक मजबूत कदम माना जा रहा है।