Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    E-Challan: ई-चालान काटने में बिहार का देश में चौथा स्थान, पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश; यहां देखें LIST

    Updated: Wed, 11 Dec 2024 03:57 PM (IST)

    बिहार ने इस साल ई-चालान से 230 करोड़ रुपये वसूले हैं जो दिसंबर तक 250 करोड़ होने की उम्मीद है। परिवहन जुर्माने के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर है जबकि उत्तर प्रदेश पहले महाराष्ट्र दूसरे और राजस्थान तीसरे स्थान पर है। बिहार ने अब तक 25 लाख ई-चालान काटे हैं जिसमें ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग की तुलना में अधिक ई-चालान काटे हैं।

    Hero Image
    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार ने इस साल ई-चालान में अब तक 230 करोड़ की राशि वसूली है, जिसके दिसंबर अंत तक 250 करोड़ होने की संभावना है। परिवहन जुर्माने के मामले में बिहार देश में चौथे स्थान पर है।

    केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक परिवहन जुर्माना वसूलने में उत्तर प्रदेश पहले, महाराष्ट्र दूसरे और राजस्थान तीसरे स्थान पर है।

    केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट में ई-चालान काटने और उससे वसूली गयी राशि का पूरा ब्यौरा उपलब्ध है। ई-चालान काटने के मामले में बिहार सातवें स्थान पर है। इस सूची में यूपी पहले, केरल दूसरे, तमिलनाडु तीसरे, गुजरात चौथे, हरियाणा पांचवें और पश्चिम बंगाल छठे स्थान पर है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार ने अब तक 25 लाख ई-चालान काटे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने परिवहन विभाग की अपेक्षा अधिक ई-चालान काटे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने अबतक 19 लाख जबकि परिवहन विभाग ने छह लाख ई-चालान काटे हैं।

    हर माह काटे जा रहे दो लाख से अधिक ई-चालान

    • बिहार में हर माह औसत दो लाख से अधिक ई-चालान काटे जा रहे हैं, जबकि हर महीने औसतन 20 करोड़ रुपए जुर्माने की राशि की वसूल की जा रही है।
    • परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रैफिक नियमों के कड़ाई से अनुपालन और नियमानुसार जुर्माना लगाने के कारण बिहार का प्रदर्शन ई-चालान काटने और उससे राजस्व की वसूली दोनों में बेहतर रहा है।

    ई-चालान से राजस्व वसूली

    राज्य जुर्माना राशि
    उत्तर प्रदेश 393 करोड़
    महाराष्ट्र 301 करोड़
    राजस्थान 292 करोड़
    बिहार 230 करोड़

    648 पुलिसकर्मियों को दिया गया उच्चतर कार्यकारी प्रभार

    उधर, पुलिस मुख्यालय ने 648 पुलिसकर्मियों को अस्थायी स्थानापन्न उच्चतर कार्यकारी प्रभार दिया है। मुख्यालय की केंद्रीय स्क्रीनिंग समिति ने 210 पुलिस अवर निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) को पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), 286 सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (एएसआइ) को पुलिस अवर निरीक्षक (एसआइ) और 152 हवलदार को रिजर्व एसआइ (प्रशिक्षण) के पद पर प्रोन्नति दी है।

    विभागीय जानकारी के अनुसार, स्क्रीनिंग समिति की समीक्षा के दौरान एसआइ से इंस्पेक्टर में प्रोन्नति के 216 मामलों को फिलहाल लंबित एवं अयोग्य की श्रेणी में रखा गया है। डीजीपी की सहमति के बाद डीआइजी (कार्मिक) ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है।

    इसके साथ ही मुख्यालय की विभागीय अनुशंसा समिति ने विभिन्न जिला-वाहिनियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर सेवाकाल में मृत कर्मियों के 12 नाबालिग आश्रितों को बाल सिपाही के पदों पर नियुक्ति की मंजूरी दे दी है, जबकि ऐसे 11 मामलों को लंबित रखा गया है।

    पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नत पद पर अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी प्रभार का आर्थिक लाभ देय होगा। आच्छादित पदाधिकारी अगले आदेश तक अपने वर्तमान पदस्थापन वाले जिला, इकाई या कार्यालय में ही कार्यरत रहेंगे।

    यह भी पढ़ें-

    बिहार पर फिर मेहरबान हुई मोदी सरकार, नई घोषणा से गरीब तबकों को होगा फायदा; केंद्र से मिली मंजूरी

    शख्स कर रहा था दूसरी शादी, अचानक पहुंच गई पहली पत्नी; फिर जो हुआ...