पटना, राज्‍य ब्‍यूरो। गन्ना किसानों व चीनी मिल श्रमिकों का बकाया नहीं लौटाने के मामले में मोतिहारी हनुमान शुगर मिल (Shri Hanuman Sugar Mill) पर शिकंजा कस गया है। चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ गन्ना उद्योग मंत्री प्रमोद कुमार (Sugarcane industries Minister Pramod Kumar) ने बुधवार के एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। गन्ना उद्योग मंत्री ने बुधवार को सचिवालय स्थित कार्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किसानों के बकाया भुगतान के समीक्षा की। इस दौरान श्री हनुमान शुगर एंड इंडस्ट्रीज मोतिहारी के अधियासी चंदन कुमार गाडोरिया ने बताया कि मोतिहारी चीनी मिल से संबंधित मामला एनसीएलटी में लंबित होने के राशि के प्रबंध में परेशानी हो रही है। वहीं, चीनी मिल की जमीन सिलिंग विवाद में उलझी है।

मिल प्रबंधन की हीलाहवाली पर भड़के मंत्री

लेकिन मिल प्रबंधन की इन बातों से मंत्री नाराज हो उठे। उन्‍होंने मिल प्रबंधन पर लगातार हीलाहवाली करने की बात कहते हुए कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने आदेश दिया कि मोतिहारी के एडीएम अविलंब चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे। समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पेराई सत्र 2020-21 में सासामुसा, प्रतापपुर और जेएचवी उत्तर प्रदेश को छोड़कर शेष सभी चीनी मिलों ने शत-प्रतिशत गन्ना मूल्य का भुगतान कर दिया है। औसतन भुगतान 99.35 फीसद किया गया है। वहीं मंत्री ने गन्ना अधिकारी मोतिहारी को अविलंब प्रतापपुर चीनी मिल पर निलाम-पत्र वाद दायर करने का निर्देश दिया है।

बाढ़ से हुई क्षति पर गन्‍ना किसानों को अनुदान का प्रावधान

मंत्री ने बताया कि गन्ना किसानों के बाढ़ से हुई क्षति के कारण कृषि विभाग द्वारा अनुदान का प्रावधान है, जिस हेतु सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को किसानों से आवेदन खाता संख्या, आधार कार्ड एवं जमीन का रसीद सहित कृषि विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराने हेतु निदेश दिया गया। बैठक में गन्ना आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह के अलावा विभागीय अधिकारी, एसोसिएशन एवं कार्यरत चीनी मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

Edited By: Vyas Chandra