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Bihar Flood News: कोसी तटबंध के अंदर गांवों में बाढ़ के हालात, गोपालगंज के कई इलाके पानी से घिरे; लोगों में फैली दहशत

बिहार में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कोसी तटबंध के अंदर गांवों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। बताया जा रहा है कि गोपालगंज के 21 गांव पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। वहीं दूसरी ओर अररिया में दो लोगों की डूबने से मौत हो गई है। बाढ़ का पानी गांवों में घुसने से लोगों के बीच दहशत फैल गई है।

By Jagran News Edited By: Mukul Kumar Wed, 10 Jul 2024 11:03 PM (IST)
Bihar Flood News: कोसी तटबंध के अंदर गांवों में बाढ़ के हालात, गोपालगंज के कई इलाके पानी से घिरे; लोगों में फैली दहशत
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

जागरण टीम, पटना। राज्य की विभिन्न नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। कोसी तटबंध के अंदर गांवों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बुधवार की सुबह कोसी के जलस्तर में बढ़ोतरी दिखी, लेकिन बाद में थोड़ा पानी घटा।

हालांकि, कोसी तटबंध के चार बिंदुओं पर दबाव बना हुआ है। गोपालगंज में गंडक नदी के जलस्तर में कमी आने के बावजूद जिले के पांच प्रखंडों के 21 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। मधुबनी के झंझारपुर में कमला बलान नदी खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर बह रही है।

सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा

नवटोलिया गांव के पूरब से कई जगहों पर बांध में पानी प्रवेश कर गया है। इस बीच, अररिया में डूबने से दो की मौत की सूचना है। सुपौल में कोसी नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। कोसी तटबंध के चार बिंदुओं पर दबाव बनाए हुए है। बुधवार सुबह जहां जलस्राव 3,00,550 क्यूसेक (घनफुट प्रति सेकेंड) तक पहुंच गया।

शाम चार बजे कोसी का डिस्चार्ज बराज पर 2,02,135 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। तटबंध के अंदर के गांवों में बाढ़ के कारण लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। मधेपुरा में कोसी का जलस्तर बढ़ रहा है। इसे देखते हुए तीन जगहों पर नाव की व्यवस्था की गई है।

अररिया जिले के कई गांवों में घुसा पानी

अररिया जिले से होकर बहने वाली बकरा, परमान और नूना नदियों के पानी में उतार-चढ़ाव हो रहा है। यहां के एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। फारबिसगंज में परमान, गगराहा, भालुआ सहित अन्य सहायक नदियां एक बार फिर उफना गई हैं।

परमान सहित अन्य सहायक नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास है। डेढ़ दर्जन गांवों के निचले इलाके में पानी प्रवेश कर गया है। सिकटी प्रखंड के सिंघिया में अररिया-गलगलिया रेलवे लाइन में बने अंडर पास के पास पानी से सड़क कट गई है। खगड़िया में कोसी खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर है।

बागमती खतरे के निशान से एक मीटर 29 सेंटीमीटर ऊपर है। किशनगंज में महानंदा और कनकई नदी में उफान है। यहां कई घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। इधर, मधुबनी के झंझारपुर में कमला बलान नदी खतरे के निशान से 1.38 मीटर ऊपर बह रही है।

नवटोलिया गांव के पूरब से कई जगहों पर बांध में पानी प्रवेश कर गया है। हालांकि पानी के घटने की स्थिति है। कमला बलान मधवापुर चौर में कटान कर रही है। कमला बलान का जलस्तर रेलवे पुल को छूने लगा है।

पानी पर तैरने लगा चचरी पुल 

बाबूबरही में सोनी नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण मंगलवार देर रात मैनाडीह का चचरी पुल पानी पर तैरने लगा। नेपाल में गंडक नदी के जल अधिग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश से जलस्तर में फिर वृद्धि हुई है। इससे दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हैं। गंडक बराज से 1.75 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया।

सीतामढ़ी में रातों का पानी श्रीखंडी भिट्ठा पूर्वी वार्ड नंबर पांच महादलित टोला में फैल रहा है। भिट्ठामोड़-चोरौत एनएच 227 पर दो फीट पानी का बहाव हो रहा है। शिवहर में बागमती कटान कर रही है। बुधवार को वाल्मीकिनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़कर लगभग दो लाख क्यूसेक पहुंच गया।

गत चार दिनों से गोपालगंज जिले के निचले क्षेत्र में जलजमाव बना हुआ है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोग घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। दियारा क्षेत्र के दो दर्जन गांवों का सड़क संपर्क लगातार तीसरे दिन भी भंग रहा।

पांच प्रखंडों के 11 विद्यालय परिसर में पानी भर गया है। बाढ़ से जिले की 12 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। प्रशासन की ओर से अभी तक लोगों को राहत के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।

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