बिहार में उद्यमियों को नए साल का तोहफा, नीतीश सरकार ने बढ़ाई बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी की अवधि
बिहार सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी-2025 की अवधि 31 दिसंबर 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है। यह निर्णय बिहार ...और पढ़ें

एमनेस्टी पालिसी-2025 की अवधि बढ़ी। (जागरण)
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने नववर्ष पर उद्यमियों को बड़ी सौगात दी है।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) द्वारा लागू एमनेस्टी पालिसी-2025 की अवधि का विस्तार किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह नीति औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने, बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः सक्रिय करने, औद्योगिक भूमि के बेहतर उपयोग तथा लंबित विवादों और मुकदमों के समाधान के उद्देश्य से लागू की गई थी, जिसकी अवधि 31 दिसंबर 2025 तक निर्धारित थी। इसे अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
नीति की अवधि के दौरान बिहार विधानसभा के गठन से जुड़े चुनाव, साथ ही अक्टूबर-नवंबर में दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख पर्वों के कारण उद्यमियों एवं सरकारी कर्मियों की व्यस्तता बढ़ गई थी। परिणामस्वरूप कई औद्योगिक इकाइयां इस नीति का लाभ नहीं उठा सकीं।
बीआईए ने उठाया था अवधि बढ़ाने की मांग
इस स्थिति को देखते हुए बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने उद्योग मंत्री एवं उद्योग सचिव को पत्र लिखकर एमनेस्टी पॉलिसी-2025 की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया था। एसोसिएशन के इस सुझाव को राज्य सरकार ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है।
उद्योग मंत्री की ओर से यह आश्वासन दिया गया है कि शीघ्र ही नीति की अवधि का औपचारिक रूप से विस्तार किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी इसका लाभ उठा सकेंगे। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने उद्योग मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अग्रिम धन्यवाद ज्ञापित किया है।
नववर्ष के अवसर पर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष रामलाल खेतान के नेतृत्व में राज्य के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे तथा उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता से मिला और उद्योग जगत की ओर से उन्हें बधाई एवं नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष रामलाल खेतान के अलावा उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम अग्रवाल, महासचिव अमरनाथ जयसवाल, कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष जीपी सिंह, तथा सदस्य मनीष कुमार तिवारी, रमाशंकर प्रसाद और सुशील बजाज शामिल थे।

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