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    बिहार शिक्षा महा-अपडेट: 46 हजार से अधिक बहाली, स्कूल बंद से लेकर BPSC TRE-4 तक... शिक्षा विभाग में एक साथ बड़े फैसले

    Updated: Thu, 01 Jan 2026 03:33 PM (IST)

    बिहार शिक्षा विभाग ने 2025 के अंत में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इनमें 46,546 पदों पर शिक्षक बहाली की तैयारी, BPSC TRE-4 की घोषणा, और लाइब्रेरियन व ...और पढ़ें

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    46 हजार से अधिक बहाली

    जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर वर्ष 2025 के अंतिम दिनों में एक के बाद एक बड़े और अहम फैसले सामने आए हैं। शिक्षक बहाली, स्कूलों में अवकाश, परीक्षाओं की तारीख, नए नियम, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और डिजिटल पहचान से जुड़े निर्देशों ने शिक्षा जगत में हलचल तेज कर दी है। 30 दिसंबर 2025 को जारी शिक्षा महा-अपडेट के अनुसार राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने जहां एक ओर 46 हजार से अधिक पदों पर बहाली की तैयारी तेज कर दी है, वहीं दूसरी ओर ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों को बंद रखने जैसे अहम निर्णय भी लिए गए हैं। यह पूरा घटनाक्रम राज्य के लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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    46,546 पदों पर बंपर बहाली की तैयारी

    बिहार शिक्षा विभाग की ओर से अब तक की सबसे बड़ी शिक्षक बहाली की तस्वीर साफ होने लगी है। कुल 46,546 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में चल रही है।

    इसमें सबसे बड़ा हिस्सा BPSC TRE-4 के अंतर्गत शिक्षकों की बहाली का है। BPSC TRE-4 के जरिए लगभग 27,000 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिसकी अधिसूचना 14 जनवरी 2026 तक जारी होने की संभावना है।


    इसके अलावा राज्य में 5,500 पद लाइब्रेरियन के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे स्कूल और कॉलेजों में पुस्तकालय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    विशेष शिक्षकों के 7,279 पदों पर बहाली की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है, जो दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा को सशक्त बनाएगी। वहीं सहायक प्राध्यापक के 5,832 पदों पर नियुक्ति से उच्च शिक्षा संस्थानों को संबल मिलेगा।

    क्षमता परीक्षा 5.0 के आवेदन शुरू

    शिक्षकों की सेवा से जुड़ी क्षमता परीक्षा 5.0 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 9 जनवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

    इस परीक्षा को शिक्षकों की योग्यता और कार्यक्षमता के मूल्यांकन के रूप में देखा जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार आएगा और योग्य शिक्षकों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

    मौसम अलर्ट: ठंड और कोहरे से स्कूल बंद

    राज्य में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। मौसम अलर्ट के तहत गया जिले में आठवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों में कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। वहीं पूरे बिहार में ‘कोल्ड डे’ और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।


    जिला प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार स्कूलों के संचालन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि सुबह के समय घना कोहरा और कम तापमान बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।

    भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई

    शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में सामने आए मामलों में तीन बड़े अधिकारियों—एक RDDE और दो DEO—पर गाज गिरने की तैयारी है। इन अधिकारियों को बर्खास्त किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।


    इसके साथ ही स्कूलों में ‘रील’ और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यालयों का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई है, न कि सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाना। इस कदम को अनुशासन और शैक्षणिक माहौल सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    संपत्ति विवरण अनिवार्य

    शिक्षा विभाग ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 31 दिसंबर 2025 तक संपत्ति विवरण जमा करना अनिवार्य कर दिया है। ऐसा न करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस कदम को पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट

    शिक्षा से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर भी अहम घोषणाएं की गई हैं। D.El.Ed 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 9 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है, जबकि इसकी परीक्षा फरवरी 2026 में संभावित है।


    वहीं RRB Group D परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा 8 जनवरी 2026 से आयोजित की जाएगी। इससे लाखों अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी का अंतिम मौका मिलेगा।

    APAAR ID और आधार केंद्रों से जुड़ा निर्देश

    डिजिटल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आधार केंद्रों के माध्यम से स्कूलों में APAAR ID बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने इसकी डेडलाइन भी तय कर दी है।

    APAAR ID के जरिए छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एकीकृत किया जाएगा, जिससे भविष्य में दाखिला, परीक्षा और प्रमाणपत्र सत्यापन आसान हो सकेगा।

    शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

    कुल मिलाकर बिहार शिक्षा महा-अपडेट यह संकेत देता है कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में बड़े और संरचनात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है।

    एक ओर जहां रिकॉर्ड संख्या में शिक्षक बहाली से स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है, वहीं सख्त नियम और कार्रवाई से प्रशासनिक सुधार को बल मिलेगा।
    ठंड के कारण स्कूल बंद रखने जैसे फैसले यह भी दिखाते हैं कि छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सरकार गंभीर है। आने वाले महीनों में इन फैसलों का असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर साफ नजर आएगा और 2026 की शुरुआत शिक्षा के लिहाज से नए अवसर लेकर आ सकती है।