जनता को लूटने की छूट नहीं दी जा सकती; डिप्टी सीएम के पक्ष में आई BJP, क्या है मामला
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के भूमि सुधार और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर सख्त रुख को लेकर बिहार में विवाद ...और पढ़ें

HighLights
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के सख्त रवैये पर विवाद।
भाजपा ने सिन्हा का समर्थन किया, अधिकारियों पर आरोप।
राजस्व सेवा संघ ने सामूहिक अवकाश की धमकी दी।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में भूमि सुधार की पहल जिस जटिल प्रक्रिया में उलझकर रह गई है, उसके उदाहरण गांव-गली में बिखरे हुए हैं।
काम में देरी और दोहन की शिकायतों को लेकर अंगुली भूमि व राजस्व विभाग पर भी उठती रही है। इस हवाले से उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठ बनाने में लगे हैं, जिनके पास भूमि व राजस्व विभाग का भी दायित्व है।
यह दावा भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डा. विनोद कुमार शर्मा का है। शर्मा का आरोप है कि अपने दायित्वों के सम्यक निर्वहन के बजाय राजस्व सेवा संवर्ग के अधिकारी-कर्मचारी निकृष्ट स्तर की राजनीति में लगे हुए हैं।
हालांकि, बिहार में कामचोरी और हरामखोरी की प्रवृत्ति को जड़ जमाने नहीं दिया जाएगा। इस उद्देश्य से विजय सिन्हा सराहनीय कार्य कर रहे हैं।
फेसबुक पर पोस्ट में शर्मा ने लिखा है कि सीओ को जनता को लूटने की छूट नहीं दी जा सकती। उनके पारिवारिक संपत्ति की जांच आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि राजस्व सेवा संघ ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर विजय सिन्हा पर सार्वजनिक मंच से अपमानित करने का आरोप लगाया है और उनके कार्यक्रमों के बहिष्कार की धमकी दी है।
सीएम से सिन्हा की शिकायत
बता दें कि डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा जनसुनवाई कर रहे हैं। उसमें अधिकारियों को हड़का रहे हैं। लोगों के सामने ही ऑन द स्पॉट कार्रवाई किया जा रहा है।
इसको लेकर राजस्व सेवा संघ ने आपत्ति जताई है। सीएम से शिकायत करते हुए सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी भी संघ ने दी है।
हालांकि, डिप्टी सीएम ने कहा है कि उन्हें कोई पत्र या शिकायत नहीं मिला है। वैसे भी जनसुनवाई के दौरान किसी को गाली नहीं दी गई। किसी को अपमानित नहीं किया गया।
उन्होंने यह भी कहा है कि वे दबाव में नहीं आने वाले। लापरवाही करनेवालों पर कार्रवाई होगी।
